Samachar Nama
×

Mehendi Machine: मशीन से लगेगी मेहंदी तो कलाकारों का क्या होगा? Harsh Goenka के पोस्ट ने छेड़ी नई बहस
 

Mehendi Machine: मशीन से लगेगी मेहंदी तो कलाकारों का क्या होगा? Harsh Goenka के पोस्ट ने छेड़ी नई बहस

मेहंदी लगाना सिर्फ हाथों पर डिजाइन बनाने का काम नहीं, बल्कि एक कला और हुनर है। त्योहारों से लेकर शादियों तक मेहंदी आर्टिस्ट्स की मांग बनी रहती है। लेकिन अब टेक्नोलॉजी इस पारंपरिक काम को भी बदलती नजर आ रही है। उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें मशीन कुछ ही समय में महिला के हाथ पर मेहंदी का डिजाइन बना देती है। वीडियो सामने आने के बाद मेहंदी आर्टिस्ट्स के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
मशीन लगाएगी हाथ पर मेहंदी का डिजाइन
हर्ष गोयनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अक्सर दिलचस्प और वायरल कंटेंट शेयर करते हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एक महिला अपना हाथ एक मशीन के अंदर रखती दिखाई देती है। इसके बाद मशीन उसके हाथ पर मेहंदी का डिजाइन तैयार कर देती है।
वीडियो की खास बात यह है कि डिजाइन बनाने की पूरी प्रक्रिया में इंसानी मदद बेहद कम नजर आती है। हर्ष गोयनका ने इसी वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'कुछ और नौकरियां जाने वाली हैं'। उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई।


क्या मेहंदी आर्टिस्ट्स पर पड़ेगा असर?
मेहंदी आर्टिस्ट्स के लिए यह तकनीक चिंता का कारण बन सकती है। खासकर उन जगहों पर जहां ग्राहक जल्दी और एक जैसे डिजाइन चाहते हैं, वहां मशीन एक विकल्प बन सकती है। मशीन कम समय में डिजाइन तैयार कर सकती है और इससे काम की गति भी बढ़ सकती है।
हालांकि, मेहंदी लगाने की कला सिर्फ किसी तय डिजाइन को हाथ पर उतारने तक सीमित नहीं है। शादी या किसी खास मौके पर ग्राहक अक्सर अपनी पसंद के मुताबिक डिजाइन में बदलाव करवाते हैं, जिसमें कलाकार की रचनात्मकता और अनुभव की अहम भूमिका होती है।
हाथ से बनी मेहंदी की अपनी अलग पहचान
मशीन से तैयार डिजाइन और हाथ से बनाई गई मेहंदी के बीच बड़ा अंतर भी है। हाथ से बनाया गया डिजाइन हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। कलाकार मौके, पसंद और हाथ के आकार के हिसाब से डिजाइन में बदलाव कर सकता है।
यही वजह है कि कई लोगों का मानना है कि तकनीक आने के बावजूद हाथ से बनाई जाने वाली मेहंदी की मांग पूरी तरह खत्म नहीं होगी। खासकर दुल्हनों के लिए मेहंदी में व्यक्तिगत स्पर्श को काफी महत्व दिया जाता है।
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
हर्ष गोयनका के वीडियो पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने माना कि मशीनें आने वाले समय में पारंपरिक काम करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। वहीं, कई यूजर्स का कहना है कि मेहंदी आर्टिस्ट्स को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
कुछ लोगों ने यह भी तर्क दिया कि मशीन एक तय पैटर्न बना सकती है, लेकिन इंसानी कलाकार जिस तरह डिजाइन में क्रिएटिविटी और व्यक्तिगत पसंद को शामिल करता है, उसकी पूरी बराबरी करना आसान नहीं होगा। ऐसे में यह तकनीक मेहंदी कलाकारों की जगह पूरी तरह लेगी या सिर्फ उनके काम का एक नया विकल्प बनेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।
 

Share this story

Tags