Market Update : HDFC Bank Q2 Results: 17 अक्टूबर को आएगा रिजल्ट, शेयर में भी दिखी हलचल
देश के प्रमुख प्राइवेट सेक्टर बैंकों में शामिल HDFC Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की तारीख तय कर दी है। बैंक ने 22 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 17 अक्टूबर को होगी। इसी बैठक में 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों पर विचार किया जाएगा।
17 अक्टूबर को होगी बोर्ड मीटिंग
HDFC Bank के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को होने वाली बैठक में बैंक के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, बैंक ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि नतीजे किस समय जारी किए जाएंगे। पिछली कुछ तिमाहियों में बैंक ने दोपहर के समय अपने परिणाम घोषित किए थे, इसलिए इस बार भी बाजार की नजर रिजल्ट के समय पर रहेगी।
बैंक ने यह भी जानकारी दी है कि उसके निर्धारित कर्मचारियों और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग की विंडो 24 सितंबर से 19 अक्टूबर 2026 तक बंद रहेगी।
पहली तिमाही में मुनाफे में हुई थी बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में HDFC Bank का नेट प्रॉफिट 19,060 करोड़ रुपये रहा था। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में बैंक ने 18,155 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। यानी सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 5 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
जून तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम भी बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये हो गई थी, जबकि एक साल पहले यह 31,438 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल एसेट्स के आधार पर 3.26 फीसदी रहा।
शेयर पर भी निवेशकों की नजर
HDFC Bank के शेयर में मंगलवार को कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। BSE पर शेयर 749.30 रुपये के स्तर तक पहुंचा। बैंक का मार्केट कैप करीब 11.44 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।
हालांकि, लंबी अवधि के प्रदर्शन की बात करें तो शेयर पर दबाव रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में स्टॉक में करीब 2 फीसदी की बढ़त हुई है, जबकि छह महीने की अवधि में प्रदर्शन लगभग सपाट रहा। इस साल अब तक शेयर करीब 25 फीसदी नीचे है और एक साल की अवधि में इसमें लगभग 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
अब निवेशकों की नजर 17 अक्टूबर को जारी होने वाले HDFC Bank के दूसरी तिमाही के नतीजों पर रहेगी। इन परिणामों से बैंक की कमाई, लोन ग्रोथ, नेट इंटरेस्ट इनकम और एसेट क्वालिटी की स्थिति का संकेत मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

