Stock Market Today: सेंसेक्स 307 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे, Crude Oil ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को कारोबार के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती दबाव के बाद बाजार ने कुछ रिकवरी जरूर की, लेकिन अंत में दोनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। BSE Sensex 307.24 अंक टूटकर 76,957.27 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 95.25 अंकों की गिरावट रही और यह 24,080.40 के स्तर पर आ गया।
बाजार में कमजोरी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
Adani Ports और Tata Steel में सबसे ज्यादा बिकवाली
Sensex के 30 शेयरों में से ज्यादातर लाल निशान में बंद हुए। Adani Ports, Tata Steel, HDFC Bank, NTPC और Infosys में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
वहीं कुछ शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। ICICI Bank, Reliance Industries, BEL, Sun Pharma और M&M के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.67 फीसदी और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 0.75 फीसदी गिरकर बंद हुए।
Metal और IT समेत कई सेक्टर में गिरावट
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में रहे। Nifty Media में 2.84 फीसदी और Nifty Metal में 2.45 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Nifty FMCG इंडेक्स 1.69 फीसदी कमजोर रहा।
Nifty Auto, IT, Realty, Consumer Durables, Chemicals और Cement इंडेक्स में भी गिरावट देखने को मिली।
हालांकि, सभी सेक्टरों में बिकवाली नहीं रही। Nifty Private Bank करीब 1 फीसदी चढ़ा, जबकि Pharma, PSU Bank, Healthcare और Oil & Gas इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुए।
America-Iran Tension ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजहों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव शामिल रहा। अमेरिकी सेना की ओर से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के पास Larak Island पर ईरान के रॉकेट लॉन्च सिस्टम पर हमले की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
इसके बाद ईरानी मीडिया में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी बैलिस्टिक मिसाइल हमले की खबरें भी सामने आईं। इन घटनाक्रमों से बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम को लेकर सतर्कता बढ़ी।
Crude Oil 90 डॉलर के पार
West Asia में तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। कारोबार के दौरान Brent Crude करीब 5 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 90.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। इससे महंगाई, कंपनियों की लागत और रुपये पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
रुपया भी कमजोर खुला
विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये पर दबाव देखने को मिला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.56 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 13 पैसे कमजोर था।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की धारणा प्रभावित की। 28 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने 5,039.8 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इससे पहले 27 अगस्त को भी FIIs की ओर से बिकवाली देखने को मिली थी।
आगे बाजार की दिशा किन चीजों पर रहेगी निर्भर?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। अगर West Asia में तनाव और बढ़ता है तथा क्रूड की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार पर दबाव जारी रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

