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करेक्शन के बाद शेयर बाजार में राहत की रैली, वैल्यू बाइंग से लौटी तेजी

करेक्शन के बाद शेयर बाजार में राहत की रैली, वैल्यू बाइंग से लौटी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद अब एक बार फिर मजबूती के संकेत दिखाई देने लगे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि बेंचमार्क इंडेक्स में आई ताजा तेजी की मुख्य वजह ‘वैल्यू बाइंग’ है, यानी निवेशकों द्वारा गिरावट के बाद मजबूत कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ाना।

पिछले कुछ सत्रों में बाजार में करेक्शन देखा गया था, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक करीब 4 प्रतिशत तक टूट गए थे। इस गिरावट के बाद कई अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए, जिससे निवेशकों ने दोबारा खरीदारी शुरू कर दी।

विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में बाजार ‘ओवरसोल्ड जोन’ में पहुंच चुका था, यानी जरूरत से ज्यादा बिकवाली हो चुकी थी। ऐसे में जैसे ही निचले स्तरों पर खरीदारी आई, बाजार में एक ‘रिलीफ रैली’ देखने को मिली। इस रैली के चलते प्रमुख इंडेक्स में तेजी दर्ज की गई और निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक वापस लौटा है।

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि यह तेजी फिलहाल तकनीकी रिकवरी (Technical Bounce) का हिस्सा है। इसका मतलब यह है कि यह बढ़त अचानक आई गिरावट के बाद एक सामान्य सुधार है, न कि पूरी तरह से मजबूत ट्रेंड रिवर्सल का संकेत।

इसके बावजूद, बाजार में चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी देखी जा रही है। खासकर बैंकिंग, आईटी और मिडकैप स्टॉक्स में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। कई निवेशक इस गिरावट को लॉन्ग टर्म एंट्री के मौके के रूप में देख रहे हैं।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतें और ब्याज दरों से जुड़े फैसले आने वाले दिनों में बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, मौजूदा तेजी को बाजार में एक अस्थायी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जहां निवेशक गिरावट के बाद मिले अवसरों का फायदा उठा रहे हैं। आने वाले सत्रों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह तेजी स्थायी रुझान में बदलती है या फिर बाजार एक बार और कंसोलिडेशन की ओर जाता है।

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