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फेस्टिव सीजन से पहले महंगाई का झटका, वीडियो में जाने टूथपेस्ट, टायर और पेंट समेत कई प्रोडक्ट्स होंगे महंगे, FMCG कंपनियां बढ़ाएंगी दाम

फेस्टिव सीजन से पहले महंगाई का झटका, वीडियो में जाने टूथपेस्ट, टायर और पेंट समेत कई प्रोडक्ट्स होंगे महंगे, FMCG कंपनियां बढ़ाएंगी दाम

देश के आम उपभोक्ताओं को फेस्टिव सीजन से पहले महंगाई का एक और झटका लग सकता है। देश की बड़ी FMCG और कंज्यूमर कंपनियां लगातार दूसरी तिमाही में अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। टूथपेस्ट, डिटर्जेंट, डिशवॉश बार से लेकर टायर और पेंट जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामान महंगे हो सकते हैं। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने और वैश्विक स्तर पर कमोडिटी कीमतों में उछाल के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला लेना पड़ रहा है। खासतौर पर मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर कई उद्योगों पर पड़ रहा है।

HUL समेत कई कंपनियां बढ़ाएंगी कीमतें

देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनियों में शामिल हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने संकेत दिया है कि आने वाली तिमाही में कुछ कैटेगरी में कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। कंपनी डिटर्जेंट और डिशवॉशिंग बार जैसे होम केयर प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की तैयारी में है।HUL के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर निरंजन गुप्ता ने एनालिस्ट्स को बताया कि बाहरी कारणों और कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते क्रूड ऑयल से जुड़े डेरिवेटिव्स महंगे हो रहे हैं। इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए कंपनी को कीमतों में बदलाव करने की जरूरत पड़ रही है।

7 से ज्यादा कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी में

HUL के अलावा कई अन्य कंपनियां भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने की योजना बना रही हैं। इनमें डोडला डेयरी, एशियन पेंट्स समेत कम से कम सात अन्य कंपनियां शामिल हैं।कंपनियों का मानना है कि अगर कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ती रही तो इसका असर प्रोडक्ट कीमतों पर डालना जरूरी हो जाएगा। इससे आने वाले महीनों में ग्राहकों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है।

क्रूड ऑयल और कमोडिटी कीमतों का असर

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ा है। क्रूड ऑयल से जुड़े कई केमिकल और डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल FMCG, पेंट, टायर और अन्य उद्योगों में होता है।इनकी कीमत बढ़ने से कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ जाती है। यही वजह है कि कंपनियां अब कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए इस अतिरिक्त लागत को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं।

फेस्टिव सीजन में बढ़ सकता है खर्च

भारत में फेस्टिव सीजन के दौरान FMCG और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में कीमतों में बढ़ोतरी से ग्राहकों को ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।हालांकि, कंपनियां लगातार यह भी कोशिश कर रही हैं कि कीमतों में बढ़ोतरी सीमित रखी जाए, ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े। इसके बावजूद रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में संभावित वृद्धि से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।आने वाले दिनों में अगर वैश्विक बाजार में कमोडिटी कीमतों का दबाव जारी रहा, तो कई और कंपनियां भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं।

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