त्योहारों से पहले महंगाई का झटका! चीनी-प्याज से लेकर खाने के तेल तक बढ़े दाम, बिगड़ सकता है किचन बजट
आने वाले दिनों में देश में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दशहरा जैसे कई बड़े त्योहार मनाए जाएंगे। फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले ही आम लोगों की रसोई का बजट बढ़ती कीमतों से प्रभावित होता नजर आ रहा है। चीनी के दाम में तेजी आई है, जबकि प्याज की कीमत भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। इसके अलावा खाने के तेल और अंडों के भाव में भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को देश में चीनी का औसत खुदरा भाव बढ़कर 64.23 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। वहीं प्याज का औसत भाव 48.31 रुपये प्रति किलो रहा। औसत खुदरा कीमत वह दर होती है, जिस पर देश के विभिन्न हिस्सों में सबसे ज्यादा कारोबार होता है।
चीनी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव
उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य निगरानी कक्ष के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को चीनी का औसत खुदरा भाव 64.23 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यानी शनिवार को यह कीमत 63.88 रुपये थी।
अगर पिछले कुछ महीनों की तुलना करें तो चीनी की कीमत में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। 30 जुलाई 2026 को चीनी का औसत भाव 49.18 रुपये प्रति किलो था, जबकि 30 अगस्त 2025 को यह 46.34 रुपये प्रति किलो था।
यानी पिछले एक साल के मुकाबले चीनी की कीमत में काफी बढ़ोतरी हुई है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य पकवानों में चीनी की खपत बढ़ने से इसका असर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है।
प्याज के दाम में मामूली राहत, लेकिन भाव अब भी ऊंचा
प्याज की कीमत में रविवार को मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद इसका औसत भाव काफी ऊंचा बना हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रविवार को प्याज का औसत खुदरा भाव 48.31 रुपये प्रति किलो रहा। शनिवार को यह 48.42 रुपये प्रति किलो था। यानी एक दिन में मामूली राहत मिली है।
हालांकि, एक महीने पहले यानी 30 जुलाई को प्याज का औसत भाव 35.32 रुपये प्रति किलो था। वहीं एक साल पहले 30 अगस्त 2025 को प्याज 28.42 रुपये प्रति किलो के औसत भाव पर था। इससे साफ है कि पिछले साल की तुलना में प्याज काफी महंगा हो चुका है।
सरसों तेल के दाम भी बढ़े
रसोई में इस्तेमाल होने वाले खाने के तेल की कीमतें भी आम लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को एक किलोग्राम पैक वाले सरसों तेल की औसत खुदरा कीमत 199.54 रुपये रही। शनिवार को इसका भाव 200.47 रुपये था। एक महीने पहले सरसों तेल की औसत कीमत 196.46 रुपये और एक साल पहले 188.40 रुपये थी।
इस तरह सालाना आधार पर सरसों तेल की कीमत में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सूरजमुखी तेल भी हुआ महंगा
सूरजमुखी तेल के दाम में भी पिछले साल के मुकाबले तेजी आई है। रविवार को एक किलोग्राम पैक की औसत खुदरा कीमत 192.17 रुपये रही।
शनिवार को यह भाव 191.80 रुपये था। एक महीने पहले सूरजमुखी तेल 189.56 रुपये प्रति किलो के औसत भाव पर था, जबकि एक साल पहले इसकी कीमत 162.06 रुपये थी।
यानी सालाना आधार पर सूरजमुखी तेल की कीमत में भी अच्छा-खासा इजाफा हुआ है।
अंडे भी पिछले साल से महंगे
अंडों की कीमत की बात करें तो रविवार को एक दर्जन अंडों का औसत खुदरा भाव 83.52 रुपये रहा। शनिवार को यह 83.39 रुपये था।
हालांकि एक महीने पहले अंडों की औसत कीमत 87.17 रुपये प्रति दर्जन थी, यानी हालिया स्तर से कीमत कुछ कम हुई है। लेकिन पिछले साल की तुलना में अंडे अब भी महंगे हैं। 30 अगस्त 2025 को एक दर्जन अंडों का औसत भाव 76.71 रुपये था।
त्योहारी सीजन में बढ़ सकता है घरेलू खर्च
जन्माष्टमी से लेकर गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दशहरा तक आने वाले महीनों में मिठाइयों, पकवानों और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में अगर जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो त्योहारों के दौरान परिवारों का किचन बजट और बढ़ सकता है।
फिलहाल चीनी, प्याज और खाने के तेल की कीमतें आम उपभोक्ताओं के लिए नजर रखने वाली चीजें बन गई हैं। आने वाले दिनों में इनकी कीमतों में होने वाला बदलाव सीधे तौर पर घरेलू खर्च पर असर डाल सकता है।

