ईरान-अमेरिका तनाव का असर: 2 हफ्तों में चौथी बार महंगी हुई CNG, वीडियो में जाने आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ
मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों में चौथी बार बढ़ा दिए गए हैं। मंगलवार 26 मई को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में 2 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी। नई दरें दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं जो रोजाना यात्रा के लिए CNG वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। ऑटो चालकों, टैक्सी ड्राइवरों और निजी वाहन मालिकों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से ऊपर गई हैं। जंग शुरू होने से पहले जहां कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में इस तेजी का असर भारत की तेल कंपनियों पर भी पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में किसी भी तरह का उतार-चढ़ाव सीधे घरेलू कीमतों को प्रभावित करता है। तेल कंपनियों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया।
दिल्ली-NCR में नई कीमत लागू होने के बाद वाहन चालकों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि कंपनियों की ओर से अभी आगे और बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
उधर, विपक्षी दलों ने बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम आदमी की रसोई से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक प्रभावित हो रही है। वहीं सरकार का तर्क है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण यह स्थिति बनी है और हालात सामान्य होते ही कीमतों में राहत मिलने की संभावना है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि अगर ईरान-अमेरिका तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन महंगा होने से खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी तेजी आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

