Samachar Nama
×

भारत 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन क्षमता करेगा हासिल

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत 2030 तक 300 मिलियन टन की स्टील उत्पादन क्षमता हासिल कर लेगा और साथ ही, इस दौरान प्रति व्यक्ति स्टील खपत बढ़कर 160 किलो हो जाएगी। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई।
भारत 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन क्षमता करेगा हासिल

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत 2030 तक 300 मिलियन टन की स्टील उत्पादन क्षमता हासिल कर लेगा और साथ ही, इस दौरान प्रति व्यक्ति स्टील खपत बढ़कर 160 किलो हो जाएगी। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई।

देश में वित्त वर्ष 25 की अप्रैल से दिसंबर तक की अवधि में 110.99 मिलियन टन कच्चे स्टील का उत्पादन हुआ था। वहीं, फिनिश्ड स्टील का उत्पादन 106.86 मिलियन टन रहा था।

सरकार के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, स्पेशियलिटी स्टील के लिए लाई गई प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम 1.1 के दूसरे राउंड में कंपनियों ने करीब 17,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे स्पेशियलिटी स्टील उत्पादन में भारत की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

देश के स्टील सेक्टर की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए अगले हफ्ते मुंबई में 'इंडिया स्टील 2025' इवेंट होने जा रहा है। इसमें कंपनियों को नॉलेज एक्सचेंज के साथ इंटर-स्टेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी करने का मौका मिलेगा।

इस ग्लोबल स्टील इंडस्ट्री इवेंट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे।

इस कार्यक्रम में ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स और वरिष्ठ विदेशी प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहेगा, जिसमें रूस के डिप्टी इंडस्ट्री और ट्रेड मंत्री, ऑस्ट्रेलिया, मोजाम्बिक और मंगोलिया के राजदूत शामिल होंगे।

12,000 बिजनेस विजिटर्स, 250 एग्जीबिटर्स, 1,200 कॉन्फ्रेंस डेलीगेट्स के साथ यह इवेंट वैश्विक स्तर पर बड़े स्टील आयोजनों में से एक होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों, सरकारी विभागों, राज्य सरकारों, देश के प्रतिनिधिमंडलों और भारत एवं विदेश से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल होंगे।

मंत्रालय ने कहा कि देश-विशिष्ट सत्रों में दक्षिण कोरिया, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया और मंगोलिया सहित प्रमुख स्टील उत्पादक देश शामिल होंगे। इन चर्चाओं में भारत के स्टील उत्पादन को जोखिम मुक्त करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए ज्वाइंट रिसर्च, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।

--आईएएनएस

एबीएस/

Share this story

Tags