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Gujarat Drought: 4 जिलों में सूखे का ऐलान, किसानों को ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की मदद; पशुओं के लिए सस्ता चारा

Gujarat Drought: 4 जिलों में सूखे का ऐलान, किसानों को ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की मदद; पशुओं के लिए सस्ता चारा

गुजरात में बारिश की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में खेतों में नमी कम होने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसका असर खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी पड़ रहा है। किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने चार जिलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने फसल नुकसान झेल रहे पात्र किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ पशुओं के लिए रियायती चारा और ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त रोजगार की व्यवस्था करने का ऐलान किया है।

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, राहत से जुड़े फैसले 1 नवंबर 2026 से लागू होंगे। इन उपायों का उद्देश्य सूखे से प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहारा देना है।

गुजरात के इन 4 जिलों में सूखे का असर

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्थिति की समीक्षा के बाद देवभूमि द्वारका, कच्छ, जामनगर और पोरबंदर को सूखा प्रभावित घोषित किया है।

सरकार के अनुसार, इस मॉनसून में गुजरात में सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 89 प्रतिशत वर्षा हुई। हालांकि, इन चार जिलों में बारिश की कमी के कारण खेतों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई और फसलों को नुकसान पहुंचा। सरकार ने सूखे का आकलन निर्धारित सरकारी मानकों के आधार पर किया है।

किसानों को प्रति हेक्टेयर मिलेंगे ₹8,500

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में फसल खराब होने पर पात्र किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह मदद अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन तक सीमित होगी।

  • प्रति हेक्टेयर सहायता: ₹8,500
  • अधिकतम पात्र क्षेत्र: 2 हेक्टेयर
  • अधिकतम संभावित सहायता: ₹17,000 प्रति किसान

राहत राशि फसल के नुकसान और लागू सरकारी नियमों के अनुसार दी जाएगी। किसानों को सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

पशुओं के लिए 2 रुपये किलो मिलेगा चारा

बारिश की कमी के कारण खेतों में चारे की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है। इससे पशुपालन करने वाले किसानों की लागत बढ़ने का खतरा है। इस समस्या को देखते हुए गुजरात सरकार रियायती दर पर पशु चारा उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक करीब 1.21 करोड़ किलोग्राम चारा 2 रुपये प्रति किलो की दर से वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा सरकार के पास लगभग 3 करोड़ किलोग्राम चारे का स्टॉक मौजूद है।

इस व्यवस्था से सूखा प्रभावित इलाकों में पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पशु शिविरों के लिए प्रतिदिन ₹80 की सहायता

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल के लिए बनाए गए शिविरों को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार के अनुसार, शिविरों में रखे जाने वाले प्रत्येक पात्र पशु के लिए प्रतिदिन 80 रुपये की मदद दी जाएगी।

शुरुआती दो महीनों तक निर्धारित राहत नियमों के तहत सहायता मिलेगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर शिविरों का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इस कदम का उद्देश्य चारे की कमी के दौरान पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 150 दिन का रोजगार

सूखे के कारण खेती से जुड़े काम कम होने पर ग्रामीण मजदूरों की आमदनी भी प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 150 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का फैसला किया है।

इस पहल से प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त काम और आय का अवसर मिलने की उम्मीद है। सरकार के राहत पैकेज में फसल सहायता, पशु चारा, पशु शिविरों के लिए आर्थिक मदद और ग्रामीण रोजगार जैसे उपाय शामिल हैं।

सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने की कोशिश

गुजरात सरकार के इन फैसलों का मकसद कम बारिश से प्रभावित किसानों और पशुपालकों की आर्थिक परेशानियों को कम करना है। हालांकि, किसानों को वास्तविक लाभ कितना मिलेगा, यह फसल नुकसान, पात्रता और सहायता वितरण की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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