Samachar Nama
×

GST Exempt Items: दूध, अनाज से लेकर इलाज तक, जानें किन चीजों और सेवाओं पर नहीं लगता GST

GST Exempt Items: दूध, अनाज से लेकर इलाज तक, जानें किन चीजों और सेवाओं पर नहीं लगता GST

भारत में वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाला गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) देश की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था का अहम हिस्सा है। हालांकि, रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई वस्तुओं और कुछ जरूरी सेवाओं को जीएसटी से छूट दी गई है। इनमें कुछ बुनियादी खाद्य पदार्थ, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा से जुड़ी सेवाएं और चुनिंदा पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं। इन पर टैक्स में राहत देने का उद्देश्य आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम करना है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी वस्तु पर जीएसटी नहीं लगने और उस पर 0% जीएसटी दर लागू होने के बीच कानूनी अंतर हो सकता है। इसके अलावा, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और उत्पाद की श्रेणी के आधार पर टैक्स की दर भी बदल सकती है।

1. बुनियादी खाद्य पदार्थों पर GST से राहत

रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई खाद्य पदार्थों को जीएसटी से छूट दी गई है। इनमें कुछ ताजे, खुले और बिना पैकेजिंग वाले उत्पाद शामिल हैं।

  • ताजा दूध
  • खुले अनाज, जैसे चावल और गेहूं
  • गेहूं का आटा, बेसन और दालें, लागू शर्तों के अनुसार
  • ताजे फल और सब्जियां, जैसे आलू, प्याज और टमाटर
  • ताजा मांस और मछली, निर्धारित शर्तों के अनुसार
  • अंडे और कुछ अन्य बुनियादी खाद्य उत्पाद
  • नमक
  • बिना पैक किया हुआ ब्रेड, चपाती और रोटी, लागू श्रेणी के अनुसार

हालांकि, सभी खाद्य पदार्थों को स्वतः टैक्स-मुक्त नहीं माना जा सकता। उदाहरण के लिए, पहले से पैक और लेबल किए गए उत्पादों पर उनकी निर्धारित कर श्रेणी के अनुसार जीएसटी लग सकता है। इसलिए खरीदारी के समय उत्पाद की पैकेजिंग और लागू टैक्स दर देखना जरूरी है।

2. शिक्षा और पढ़ाई से जुड़ी सेवाएं

शिक्षा को जरूरी सेवा मानते हुए जीएसटी व्यवस्था में कई तरह की छूट दी गई है। मान्यता प्राप्त या पात्र शैक्षणिक संस्थानों की ओर से दी जाने वाली निर्धारित शैक्षणिक सेवाएं आमतौर पर जीएसटी से मुक्त होती हैं।

इसके अलावा, किताबों और पढ़ने की सामग्री की कई श्रेणियों पर भी टैक्स में राहत मिलती है। इनमें शामिल हैं:

  • प्रिंटेड किताबें
  • समाचार पत्र और कुछ पत्र-पत्रिकाएं
  • नक्शे, एटलस और ग्लोब की निर्धारित श्रेणियां
  • बच्चों की कुछ शैक्षणिक सामग्री

हालांकि, हर स्टेशनरी उत्पाद को जीएसटी-मुक्त समझना सही नहीं है। नोटबुक, पेंसिल, इरेजर और शार्पनर जैसी वस्तुओं पर उनकी संबंधित एचएसएन श्रेणी और मौजूदा दर के अनुसार टैक्स लग सकता है।

3. स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं पर टैक्स में राहत

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी जीएसटी के तहत कई महत्वपूर्ण छूट उपलब्ध हैं। पात्र डॉक्टरों, क्लीनिकों और अस्पतालों की ओर से दी जाने वाली निर्धारित स्वास्थ्य सेवाएं आमतौर पर जीएसटी से मुक्त होती हैं। कुछ शर्तों के अधीन एंबुलेंस सेवाएं भी इस दायरे में आती हैं।

इसके अलावा, कुछ चिकित्सा उत्पादों और जीवन रक्षक दवाओं पर टैक्स में विशेष राहत दी गई है। इनमें लागू नियमों के अनुसार शामिल हो सकते हैं:

  • कुछ जीवन रक्षक और दुर्लभ बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं
  • मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की निर्धारित श्रेणियां
  • मानव रक्त और उसके कुछ उत्पाद
  • गर्भनिरोधक
  • सुनने में सहायता देने वाले कुछ उपकरण

यहां यह समझना जरूरी है कि सभी दवाएं और मेडिकल उपकरण जीएसटी-मुक्त नहीं हैं। कई उत्पादों पर रियायती या सामान्य जीएसटी दर लागू होती है। किसी विशेष दवा पर छूट की पुष्टि उसके नाम, श्रेणी और अधिसूचना के आधार पर की जानी चाहिए।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा से जुड़ी जीएसटी राहत के लिए भी संबंधित अधिसूचना और लागू शर्तें देखना जरूरी है।

4. मिट्टी के बर्तन, खादी और धार्मिक वस्तुएं

भारत में पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कुछ वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है। निर्धारित शर्तों के तहत इनमें मिट्टी के कुछ बर्तन, दीये और खादी से जुड़े कुछ उत्पाद शामिल हो सकते हैं।

इसी तरह पूजा-पाठ से जुड़ी कुछ वस्तुओं, धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले प्रसाद और मूर्तियों की कुछ श्रेणियों पर भी छूट लागू हो सकती है। हालांकि, इन वस्तुओं पर टैक्स का निर्धारण उनके निर्माण, सामग्री, स्वरूप और बिक्री की परिस्थितियों के आधार पर हो सकता है।

इसलिए किसी भी पारंपरिक या धार्मिक उत्पाद को बिना उसकी निर्धारित श्रेणी जांचे पूरी तरह टैक्स-मुक्त मानना उचित नहीं है।

5. पेट्रोल-डीजल और बिजली पर क्यों नहीं लगता GST?

पेट्रोलियम उत्पादों और बिजली का मामला सामान्य जीएसटी छूट से अलग है। पेट्रोल, डीजल, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली वर्तमान कर व्यवस्था में सामान्य जीएसटी के दायरे से बाहर हैं। इन पर संबंधित कानूनों के तहत अन्य कर लागू हो सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर, पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की ओर से उत्पाद शुल्क तथा राज्यों में वैट जैसे कर लगाए जा सकते हैं। वहीं, मानव उपभोग के लिए शराब भी जीएसटी के दायरे से बाहर है और उस पर संबंधित राज्य कानूनों के तहत कर लागू होते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि इन उत्पादों पर कोई टैक्स नहीं लगता, बल्कि इनका कर ढांचा जीएसटी से अलग है।

GST में छूट देने का क्या है उद्देश्य?

जीएसटी में छूट और रियायती दरों का प्रमुख उद्देश्य जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की लागत को नियंत्रित रखना तथा आम लोगों पर कर का बोझ कम करना है। खाद्य पदार्थ, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसी सुविधाएं सीधे परिवारों के बजट से जुड़ी होती हैं। इन पर राहत मिलने से खासकर कम और मध्यम आय वाले परिवारों को मदद मिल सकती है।

हालांकि, किसी वस्तु या सेवा पर जीएसटी लागू है या नहीं, यह जानने के लिए उसकी सही श्रेणी और मौजूदा सरकारी अधिसूचना देखना जरूरी है। जीएसटी की दरें और छूट समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए बिलिंग या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए नवीनतम आधिकारिक नियमों की पुष्टि करें।

Share this story

Tags