बचतकर्ताओं के लिए शानदार मौका! बैंक एफडी पर अब मिलेगा ज्यादा ब्याज, रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद बदला गणित
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार है जब RBI ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है।रेपो रेट बढ़ने का असर जहां होम लोन, कार लोन और दूसरे कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है, वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा रखने वाले लोगों के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। बैंक आने वाले समय में FD पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं, जिससे नए निवेशकों को पहले के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है।
रेपो रेट बढ़ने से FD पर क्यों मिल सकता है ज्यादा ब्याज?
बैंकों की ब्याज दरें कई आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होती हैं। रेपो रेट बढ़ने पर बैंकों की फंडिंग लागत और बाजार की ब्याज दरों में बदलाव आ सकता है। ऐसे में बैंक डिपॉजिट जुटाने के लिए FD पर ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रेपो रेट बढ़ते ही सभी बैंक तुरंत FD की ब्याज दर बढ़ा देंगे। बैंक अपनी डिपॉजिट जरूरत, लोन की मांग और एसेट क्वालिटी समेत कई चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेते हैं।
FD पर ब्याज बढ़ने में लग सकता है समय
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के बाद बैंकों को FD की ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय लग सकता है। बैंक यह देखते हैं कि उन्हें कितनी नई जमा राशि की जरूरत है और बाजार में लोन की मांग कैसी है।
इसलिए अगर आप जल्दबाजी में FD कराने की सोच रहे हैं, तो अलग-अलग बैंकों की नई ब्याज दरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।
छोटे और स्मॉल फाइनेंस बैंक दे सकते हैं ज्यादा ब्याज
आमतौर पर स्मॉल फाइनेंस बैंक और कुछ प्राइवेट बैंक, बड़े सरकारी बैंकों की तुलना में FD पर ज्यादा ब्याज ऑफर कर सकते हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले अतिरिक्त ब्याज भी दिया जाता है।
हालांकि, FD की ब्याज दर बैंक, निवेश की अवधि और स्कीम के हिसाब से अलग-अलग होती है। इसलिए सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर FD कराने के बजाय बैंक की शर्तों और जमा बीमा जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।
नई FD कराने वालों को क्या करना चाहिए?
अगर आप आने वाले दिनों में FD कराने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ समय तक बैंकों की नई ब्याज दरों पर नजर रखना उपयोगी हो सकता है। रेपो रेट बढ़ने के बाद अगर बैंक FD की दरें बढ़ाते हैं, तो आपको बेहतर रिटर्न मिल सकता है।खासकर बड़ी रकम की FD में ब्याज दर का छोटा सा अंतर भी लंबे समय में रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है। इसलिए FD करने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर, अवधि, समय से पहले निकासी के नियम और टैक्स के असर की तुलना जरूर करें।यानी RBI का रेपो रेट बढ़ाने का फैसला कर्ज लेने वालों के लिए चिंता बढ़ा सकता है, लेकिन FD में पैसा लगाने वालों के लिए आने वाले समय में ज्यादा ब्याज की उम्मीद जरूर जगा रहा है।

