Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के भाव में गिरावट, 11 सितंबर का दिन क्यों होगा बेहद अहम?
अगर आप आज 7 सितंबर 2026 को सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो बाजार से आपके लिए जरूरी खबर है। घरेलू बाजार में आज दोनों कीमती धातुओं के दाम में नरमी देखने को मिली है। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,54,884 प्रति 10 ग्राम, जबकि चांदी ₹2,35,456 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव नजर आया। सोना करीब 0.40% फिसलकर 4,411.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी में मामूली 0.01% की गिरावट रही और यह 66.16 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
इस हफ्ते क्यों बदल सकते हैं सोने-चांदी के भाव?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बाजार की दिशा तय करने में अमेरिका के महंगाई आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ईरान से जुड़े तनाव को आमतौर पर सोने के लिए सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाने वाला फैक्टर माना जाता है। लेकिन इस बार बाजार की चिंता कुछ अलग है। अगर तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहेगा। ऐसी स्थिति में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका सोने पर दबाव डाल सकती है।
11 सितंबर को आएगा US CPI डेटा
अमेरिका के अगस्त महीने के Consumer Price Index (CPI) के आंकड़े 11 सितंबर को जारी होने हैं। इन आंकड़ों पर दुनियाभर के निवेशकों की नजर रहेगी।
महंगाई के आंकड़ों से बाजार को यह संकेत मिल सकता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर किस दिशा में कदम उठा सकता है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव का सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर पड़ सकता है।
इसके अलावा जर्मनी और चीन के महंगाई आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहेंगे। यूरोजोन, जापान और ब्रिटेन के GDP आंकड़ों के साथ चीन के ट्रेड डेटा से वैश्विक अर्थव्यवस्था और औद्योगिक मांग की स्थिति के संकेत मिलेंगे।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने भी बढ़ाया दबाव
हाल के अमेरिकी रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के बाद सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। मजबूत रोजगार आंकड़ों से बाजार में यह संभावना मजबूत हुई कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में नरमी को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा।
आमतौर पर जब ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद बढ़ती है, तो सोने जैसे ऐसे निवेश पर दबाव आता है जिससे नियमित ब्याज नहीं मिलता।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Comex पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना सप्ताह के दौरान करीब 1.2% गिरकर 4,476.6 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी अवधि में चांदी भी करीब 1.52% टूटकर 66.75 डॉलर प्रति औंस पर रही।
चांदी में सोने से ज्यादा हलचल क्यों?
आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि चांदी सिर्फ निवेश और आभूषणों में इस्तेमाल होने वाली कीमती धातु नहीं है, बल्कि इसका उपयोग विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।
इसलिए चांदी पर ब्याज दरों और डॉलर के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक विकास, मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों और औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल सोने और चांदी के बाजार में कई ऐसे फैक्टर मौजूद हैं, जो कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों की गुंजाइश बना रहे हैं। अमेरिका के CPI आंकड़े, फेड की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, कच्चे तेल की कीमत और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा के लिए खासे महत्वपूर्ण रहेंगे।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। सोने-चांदी या किसी अन्य निवेश में पैसा लगाने से पहले बाजार की स्थिति को समझें और योग्य वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लें। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

