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Gold-Silver Price: त्योहारों के सीजन में सस्ता हुआ सोना-चांदी, चांदी ₹6,678 और सोना ₹1,364 टूटा; जानें ताजा भाव

Gold-Silver Price: त्योहारों के सीजन में सस्ता हुआ सोना-चांदी, चांदी ₹6,678 और सोना ₹1,364 टूटा; जानें ताजा भाव

त्योहारों के सीजन में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। एक किलो चांदी का भाव 6,678 रुपये घटकर 1.84 लाख रुपये पर आ गया। इससे पहले गुरुवार को चांदी 1.90 लाख रुपये प्रति किलो पर थी।

वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,364 रुपये गिरकर 1.41 लाख रुपये रह गई। इस महीने अब तक चांदी 37,029 रुपये और सोना 7,247 रुपये सस्ता हो चुका है। 1 अक्टूबर 2026 को चांदी का भाव करीब 2.20 लाख रुपये प्रति किलो और सोने का भाव 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था।कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऊंचे भाव पर बड़े निवेशकों की बिकवाली को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

सोने-चांदी के दाम में कितनी गिरावट आई?

  • चांदी: एक दिन में 6,678 रुपये प्रति किलो की गिरावट।

  • सोना: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,364 रुपये कम हुआ।

  • इस महीने चांदी: कीमत में कुल 37,029 रुपये की कमी।

  • इस महीने सोना: कीमत में कुल 7,247 रुपये की गिरावट।

ध्यान रखें कि IBJA के भाव और ज्वेलर्स की दुकानों पर मिलने वाले खुदरा भाव में अंतर हो सकता है। गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क भी जुड़ते हैं।

ऑल टाइम हाई से चांदी करीब 1.96 लाख रुपये सस्ती

इस साल सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को कीमत बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

अब रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें तो चांदी करीब 1.96 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

वहीं, 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 29 जनवरी 2026 को यह बढ़कर करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद से सोने की कीमत में लगभग 35 हजार रुपये की गिरावट बताई गई है।

सोने की कीमत गिरने की 3 प्रमुख वजहें

1. ऊंचे भाव पर निवेशकों की बिकवाली

सोने की कीमतों में तेज उछाल के बाद बड़े निवेशक मुनाफा वसूलने के लिए बिकवाली कर सकते हैं। इससे बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

2. अमेरिकी डॉलर की मजबूती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने से सोने की मांग प्रभावित हो सकती है। आमतौर पर डॉलर की मजबूती सोने की कीमतों पर दबाव डालती है, हालांकि बाजार की दूसरी परिस्थितियां भी भाव को प्रभावित करती हैं।

3. महंगे दामों पर खरीदारी में कमी

जब सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचता है, तो कई आम खरीदार खरीदारी टाल देते हैं। मांग कमजोर होने पर कीमतों में गिरावट आ सकती है।

चांदी सस्ती होने की 3 वजहें

1. औद्योगिक मांग में बदलाव

चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक उत्पादों में होता है। उद्योगों की मांग कमजोर पड़ने की आशंका से इसकी कीमत प्रभावित हो सकती है।

2. वायदा बाजार में बिकवाली

वायदा बाजार में बड़े ट्रेडर्स की बिकवाली और निवेशकों की बदलती रणनीति चांदी के भाव में तेज उतार-चढ़ाव ला सकती है।

3. सोने की कीमतों में गिरावट का असर

सोने और चांदी की कीमतें कई बार एक ही दिशा में चलती हैं। हालांकि, चांदी की औद्योगिक मांग और बाजार में उपलब्धता जैसे कारक भी इसकी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

क्या सोना-चांदी अभी और सस्ता होगा?

सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कीमतों की दिशा डॉलर, ब्याज दरों, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, निवेशकों की खरीद-बिक्री और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगी।

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, खरीदारी एक साथ करने के बजाय अलग-अलग किस्तों में करना बेहतर रणनीति हो सकती है। निवेशक कुछ खरीदारी अभी और बाकी रकम 15-20 दिन के अंतराल पर लगाने पर विचार कर सकते हैं। निवेश के लिए एक-दो महीने के बजाय छह महीने से एक साल तक की अवधि का नजरिया रखने की सलाह दी गई है।

हालांकि, किस्तों में खरीदारी करने से मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। निवेश से पहले अपनी जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें

सोने के गहने खरीदते समय उनकी शुद्धता और BIS हॉलमार्किंग की जांच करें। हॉलमार्क के साथ दिए गए HUID नंबर को भी सत्यापित करें। केवल दुकानदार के दावे पर भरोसा करने के बजाय शुद्धता की पुष्टि करना बेहतर है।

2. खरीदारी से पहले कीमत की तुलना करें

सोना खरीदने से पहले IBJA के ताजा भाव और अलग-अलग ज्वेलर्स की कीमतों की तुलना करें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव अलग होते हैं। बिल में सोने का वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी भी जांच लें।

असली चांदी की पहचान कैसे करें?

1. मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी चुंबक से सामान्य तौर पर आकर्षित नहीं होती। हालांकि, केवल इस टेस्ट से चांदी की शुद्धता साबित नहीं होती।

2. आइस टेस्ट: चांदी ऊष्मा की अच्छी संवाहक होती है, इसलिए उस पर रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है। लेकिन यह भी शुद्धता जांचने का निर्णायक तरीका नहीं है।

3. गंध की जांच: चांदी में आमतौर पर तेज धात्विक गंध नहीं होती। फिर भी गंध के आधार पर असली-नकली का फैसला करना भरोसेमंद नहीं है।

4. कपड़े से रगड़कर देखना: चांदी पर काले रंग का निशान आना उसके ऑक्सीकरण का संकेत हो सकता है, लेकिन इससे उसकी शुद्धता की पूरी पुष्टि नहीं होती।

चांदी की सही शुद्धता जानने के लिए विश्वसनीय ज्वेलर से जांच करवाना और उपलब्ध हॉलमार्क या प्रमाणन की पुष्टि करना सबसे बेहतर विकल्प है।

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