Gold-Silver Price Crash: चांदी ₹15,748 लुढ़की, सोना भी ₹3,470 टूटा, खरीदने से पहले यहाँ जाने लेटेस्ट भाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण आज, 8 जून को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24-कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत ₹3,470 घटकर ₹1.51 लाख हो गई। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत ₹15,748 घटकर ₹2.41 लाख हो गई। 31 मई को चांदी की कीमत ₹2,63,350 थी। जानकारों का कहना है कि जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण लोग बाजार से पैसा निकाल रहे हैं और कैश जमा कर रहे हैं।
**चांदी अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से ₹1.45 लाख गिरी**
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। 31 दिसंबर, 2025 को सोने की कीमत ₹1.33 लाख थी और 29 जनवरी को यह ₹1.76 लाख के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। तब से सोना ₹25,000 सस्ता हो गया है। इसी तरह, 31 दिसंबर, 2025 को चांदी की कीमत ₹2.30 लाख थी, जो 29 जनवरी को ₹3.86 लाख के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। तब से 130 दिनों में चांदी की कीमत में ₹1.45 लाख की गिरावट आई है; खास तौर पर, इस महीने के पहले आठ दिनों में ही इसमें ₹22,000 की गिरावट आई है।
**गिरावट के मुख्य कारण: धातुओं के बजाय 'कैश' को प्राथमिकता**
आमतौर पर युद्ध के समय सोने और चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है:
* **कैश जमा करना:** मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। वे कैश जमा करने के लिए अपनी सोने और चांदी की होल्डिंग्स बेच रहे हैं, ताकि अनिश्चित समय में उनके पास लिक्विड फंड (आसानी से इस्तेमाल होने वाला पैसा) रहे।
* **प्रॉफिट बुकिंग:** जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, जिसके कारण बड़े निवेशकों ने ऊंची दरों पर अपनी होल्डिंग्स बेचीं; इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आ गईं।

