सोना-चांदी के दाम बने ‘रॉकेट’, दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 20,500 उछली, निवेशकों में हलचल
देश के सर्राफा बाजार में एक बार फिर सोना और चांदी ने जबरदस्त तेजी दिखाई है। दिल्ली सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई। खासतौर पर चांदी की कीमतों ने सभी को चौंका दिया, जहां एक ही कारोबारी सत्र में इसमें करीब ₹20,500 प्रति किलो की बड़ी छलांग दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत रुख, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने और चांदी की कीमतों में यह तेजी देखने को मिल रही है। निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर फिर से गोल्ड और सिल्वर की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में भी शानदार बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता नजर आया, जबकि चांदी ने रिकॉर्ड तेजी के साथ कारोबारियों को हैरान कर दिया। ज्वेलर्स का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में इस तरह का उछाल ग्राहकों की जेब पर असर डाल सकता है।
वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोने और चांदी के भावों में तेज हलचल देखने को मिली। कारोबार के दौरान गोल्ड फ्यूचर और सिल्वर फ्यूचर दोनों में तेजी दर्ज की गई। निवेशकों की बढ़ती खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों ने घरेलू वायदा बाजार को मजबूती दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर जारी असमंजस, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के कारण आने वाले दिनों में भी सोना-चांदी में अस्थिरता बनी रह सकती है। कई निवेशक इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए अच्छा अवसर मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग मुनाफावसूली के लिए भी बाजार पर नजर बनाए हुए हैं।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का माहौल जारी रहता है, तो आने वाले समय में सोना और चांदी के दाम और ऊपर जा सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को बाजार की चाल समझकर ही निवेश करने की सलाह दे रहे हैं।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि जब भी वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तब सोना और चांदी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूत होते हैं। यही वजह है कि मौजूदा समय में दोनों कीमती धातुओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

