सोने-चांदी के दाम में आज गिरावट, वीडियो में जानें चांदी 5,835 गिरकर 2.61 लाख प्रति किलो हुई, सोना 1.56 लाख पर आया
सोने और चांदी के दामों में आज, 12 फरवरी, 2026 को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है।
चांदी की कीमत में सबसे अधिक गिरावट हुई है। आज एक किलो चांदी की कीमत 5,835 रुपए घटकर 2,60,614 रुपए रह गई है। इससे पहले बुधवार को चांदी की कीमत 2,66,449 रुपए प्रति किलो थी। पिछले कुछ हफ्तों में चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन आज की गिरावट निवेशकों और ज्वेलर्स के लिए चिंता का विषय बन गई है।
सोने के बाजार में भी गिरावट देखी गई। आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,175 रुपए घटकर 1,56,147 रुपए हो गई है। इसके पहले बुधवार को सोने की कीमत 1,57,322 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी के दामों में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे धातुओं की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का परिणाम है।
विशेषज्ञों ने बताया कि सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता आमतौर पर वैश्विक आर्थिक संकेतकों, अमेरिका में फेडरल रिजर्व की नीतियों, और क्रूड ऑयल व अन्य धातुओं के भाव पर निर्भर करती है। वर्तमान में, निवेशक अधिकतर जोखिम वाले शेयर और म्यूचुअल फंड की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग में कमी आई है।
सर्राफा बाजार में पिछले महीने यानी 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए प्रति किलो का ऑल टाइम हाई दर्ज किया था। उस समय से ही बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्राहक और निवेशक इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए ही खरीदारी कर रहे हैं।
IBJA ने निवेशकों से सलाह दी है कि वे लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना और चांदी को देखें और अस्थायी उतार-चढ़ाव पर चिंता न करें। छोटे व्यापारी और ज्वेलर्स भी मांग और आपूर्ति के अनुसार कीमतें तय कर रहे हैं।
बाजार में गिरावट के बावजूद सोना और चांदी अब भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक स्थिरता आएगी, कीमतें धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ सकती हैं।
इस तरह, 12 फरवरी के दिन सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ने सर्राफा बाजार को थोड़ा धीमा कर दिया है। निवेशक और व्यापारी दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि आने वाले हफ्तों में सही निर्णय लिया जा सके।

