Gold Price Today: सोना 4118 रुपये सस्ता, चांदी भी फिसली; आगे कैसी रहेगी कीमतों की चाल?
सोने और चांदी की कीमतों में इस समय बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में सोने के भाव में 4 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। 28 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 1 फीसदी से ज्यादा टूट गई। इसका असर घरेलू बाजार और एमसीएक्स पर भी देखने को मिला है।
चार दिन में 4118 रुपये सस्ता हुआ सोना
रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमत 25 अगस्त को 4696.18 डॉलर प्रति औंस के तीन महीने के उच्च स्तर पर थी। इसके बाद कीमतों में लगातार दबाव देखने को मिला और 28 अगस्त तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4563.05 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इस दौरान घरेलू बाजार में भी सोने की कीमत में 4118 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, 29 अगस्त को प्रमुख शहरों में भी सोने के भाव में नरमी जारी रही। मुंबई में 24 कैरेट सोना करीब 3160 रुपये की गिरावट के साथ 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 2,900 रुपये गिरकर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
चांदी के भाव में भी गिरावट
सोने के साथ चांदी की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को चांदी करीब 3.5 फीसदी गिरकर 66.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। घरेलू बाजार में भी चांदी के भाव में कमजोरी दर्ज हुई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
कीमती धातुओं में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर बदले अनुमान हैं। फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श की टिप्पणियों के बाद निवेशकों को अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की संभावना नजर आने लगी है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती आई, जबकि बिना ब्याज वाले निवेश के तौर पर सोने की मांग पर दबाव पड़ा।
फेड की ब्याज दरों को लेकर आगे आने वाले संकेत सोने की दिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। अगर ब्याज दर बढ़ने की संभावना मजबूत होती है तो सोने पर और दबाव आ सकता है। दूसरी ओर, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है या वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोने की सुरक्षित निवेश की मांग फिर मजबूत हो सकती है।
आगे क्या रहेगी सोने की चाल?
विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बावजूद सोने की मध्यम अवधि की तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है। अमेरिकी आर्थिक नीतियां, डॉलर की चाल, महंगाई, ब्याज दरों के संकेत और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में सोने की कीमत तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे।
ऐसे में निवेशकों के लिए एकमुश्त खरीदारी के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना जोखिम को कम कर सकता है। वहीं, आभूषण खरीदने वालों को केवल बाजार भाव ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज, जीएसटी और बाय-बैक शर्तों की भी तुलना करनी चाहिए। सोना खरीदते समय बीआईएस हॉलमार्क और HUID की जांच करना भी जरूरी है।

