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सोने-चांदी के दाम में फिर आई महा-तेजी: सोना ₹1.5 लाख के पार, चांदी ₹2.21 लाख के नए रिकॉर्ड स्तर पर

सोने-चांदी के दाम में फिर आई महा-तेजी: सोना ₹1.5 लाख के पार, चांदी ₹2.21 लाख के नए रिकॉर्ड स्तर पर

सोने-चांदी की कीमतों में 9 अक्टूबर को तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹1,968 बढ़कर करीब ₹1.50 लाख पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी ₹4,064 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसका भाव करीब ₹2.21 लाख हो गया। इससे पहले गुरुवार, 8 अक्टूबर को सोना करीब ₹1.48 लाख और चांदी ₹2.17 लाख प्रति किलो पर थी।

सोने और चांदी के भाव में क्यों आई तेजी?

बुलियन बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की चाल, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें और खरीदारी की मांग जैसे कई कारक इनकी कीमतों को प्रभावित करते हैं।सोने को आमतौर पर सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है, जबकि चांदी की मांग निवेश के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी रहती है। इसलिए दोनों धातुओं की कीमतें अलग-अलग कारणों से प्रभावित हो सकती हैं।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?

देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसके पीछे कई वजहें हैं।

1. ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा का खर्च: सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में परिवहन, बीमा और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। इससे स्थानीय कीमत पर असर पड़ सकता है।

2. स्थानीय मांग और सप्लाई: जिन क्षेत्रों में सोने की खरीदारी अधिक होती है, वहां ज्वेलर्स की खरीद और स्थानीय बाजार की परिस्थितियां कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।

3. स्थानीय कारोबारियों के रेट: अलग-अलग शहरों में ज्वेलर्स और स्थानीय सर्राफा बाजारों के रेट में अंतर हो सकता है। हालांकि, IBJA के बेंचमार्क भाव और ग्राहकों को मिलने वाले खुदरा भाव अलग हो सकते हैं।

4. पुराने स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक की खरीद कीमत और कारोबारी लागत भी उनके बिक्री मूल्य को प्रभावित कर सकती है।

इसके अलावा, सोने की ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क भी जुड़ सकते हैं। इसलिए केवल सोने के बेस रेट को देखकर अंतिम बिल का अनुमान नहीं लगाना चाहिए।

2026 में सोना महंगा, जबकि चांदी में गिरावट

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी, जो 9 अक्टूबर 2026 को लगभग ₹1.50 लाख पहुंच गई। इस हिसाब से सोने में साल के दौरान करीब ₹16,415 की बढ़ोतरी बताई गई है।

वहीं, चांदी का भाव 31 दिसंबर 2025 को करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो अब घटकर लगभग ₹2.21 लाख रह गया है। यानी दिए गए आंकड़ों के अनुसार चांदी में करीब ₹9,250 की गिरावट आई है।

इस दौरान सोने और चांदी दोनों की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। रिपोर्ट में 29 जनवरी को सोने का भाव ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव ₹3.86 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का भी जिक्र है। इन ऐतिहासिक आंकड़ों को खरीदारी या निवेश का फैसला करने से पहले संबंधित बाजार के आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलाना उचित होगा।

सोना खरीदते समय इन दो बातों का रखें ध्यान

1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें

सोने के गहने खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और HUID नंबर जरूर जांचें। इससे सोने की शुद्धता की पहचान करने में मदद मिलती है। हॉलमार्क वाले गहने खरीदने पर बिल भी जरूर लें और उसमें सोने का वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज तथा अन्य शुल्क स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए।

2. खरीदने से पहले भाव की तुलना करें

सोना खरीदने से पहले IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन का भाव जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसके अलावा, ज्वेलरी का अंतिम मूल्य मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स के कारण बढ़ सकता है। इसलिए अलग-अलग दुकानों से कीमत और बिल की तुलना करना फायदेमंद रहता है।

असली चांदी की पहचान कैसे करें?

चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है। कुछ सामान्य संकेत मदद कर सकते हैं, लेकिन केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर चांदी के असली या नकली होने का अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए।

  • मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी आमतौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि, चुंबक से न चिपकना अपने आप में असली चांदी होने का प्रमाण नहीं है।

  • आइस टेस्ट: चांदी गर्मी की अच्छी चालक होती है, इसलिए उसके संपर्क में बर्फ तेजी से पिघल सकती है। फिर भी यह निर्णायक जांच नहीं है।

  • गंध की जांच: शुद्ध चांदी में सामान्यतः तेज धात्विक गंध नहीं होती। लेकिन गंध के आधार पर शुद्धता प्रमाणित नहीं की जा सकती।

  • कपड़े से रगड़ना: चांदी पर काला निशान या टार्निश बन सकता है, लेकिन यह अकेले उसकी शुद्धता का पक्का प्रमाण नहीं है।

सबसे भरोसेमंद तरीका: चांदी के गहने या सिक्के खरीदते समय शुद्धता की मुहर, बिल और विक्रेता से मिले प्रमाण की जांच करें। जरूरत पड़ने पर मान्यता प्राप्त केंद्र पर धातु की शुद्धता की जांच कराएं।

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अपनी जरूरत, बजट और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। शादी या अन्य समारोह के लिए खरीदारी कर रहे हैं तो अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट और मेकिंग चार्ज की तुलना करें। निवेश के उद्देश्य से खरीद रहे हैं तो कीमतों में उतार-चढ़ाव और जोखिम को समझना जरूरी है।ध्यान रखें कि IBJA के भाव बेंचमार्क रेट होते हैं। स्थानीय दुकान का अंतिम भाव अलग हो सकता है। खरीदारी से पहले उसी दिन का ताजा रेट और पूरा बिल जरूर जांचें।

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