ग्लोबल मार्केट में सोना-चांदी हुआ महंगा! जानिए विदेशी बाजारों में अचानक क्यों आई तेजी और आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर
सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी देखने को मिली है। निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों पर टिकी है। इन आंकड़ों से यह अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा क्या रह सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कितना महंगा हुआ सोना-चांदी?
कॉमेक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में 0.32% की बढ़त दर्ज की गई और भाव 4,229.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। पिछले बंद भाव के मुकाबले सोना 13.50 डॉलर मजबूत हुआ।
वहीं, सिल्वर फ्यूचर्स में 0.72% की तेजी आई। चांदी का भाव 0.437 डॉलर बढ़कर 61.485 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इन आंकड़ों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में मजबूती का संकेत मिला।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने और चांदी के भाव?
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट को सोने की कीमतों में तेजी की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है। इसके अलावा, कॉपर और जिंक जैसी औद्योगिक धातुओं में मजबूती से चांदी को भी सहारा मिला है।
हालांकि, अमेरिका में महंगाई बढ़ने की स्थिति में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचा रख सकता है। इससे सोने की तेजी पर दबाव पड़ने की आशंका है, क्योंकि सोने से नियमित ब्याज आय नहीं मिलती। दूसरी ओर, डॉलर कमजोर होने और बॉन्ड यील्ड घटने पर सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है।
अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर बाजार की नजर
इस सप्ताह अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI, प्रोड्यूसर प्राइस और रिटेल सेल्स के आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ऊर्जा की बढ़ती कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में निवेशक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला ले सकता है। महंगाई के आंकड़ों में बदलाव का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
भारतीय बाजार में सोने-चांदी का क्या हाल रहा?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले सप्ताह दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 1,109 रुपये यानी करीब 1% की बढ़त दर्ज की गई। सोना लगभग 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
इसके विपरीत, चांदी के वायदा भाव में मामूली गिरावट आई। चांदी करीब 122 रुपये टूटकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बंद हुई।
ध्यान रहे कि ये पिछले सप्ताह के वायदा बाजार के बताए गए भाव हैं। इन्हें आज के ताजा भाव या स्थानीय सर्राफा बाजार की कीमतों के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
रुपये की चाल भी तय करेगी घरेलू कीमतें
भारत में सोने और चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ रुपये की विनिमय दर का भी असर पड़ता है। रुपया कमजोर होने पर आयात महंगा हो सकता है, जिससे घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को समर्थन मिल सकता है। वहीं, रुपये में मजबूती आने से इस प्रभाव में कमी आ सकती है।
LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी वाइस प्रेसिडेंट एवं रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के आकलन के मुताबिक, रुपये में कमजोरी के बीच सोने-चांदी की कीमतों में सीमित दायरे में कारोबार और हल्की तेजी का रुख रह सकता है।
निवेशक आगे किन बातों पर रखें नजर?
आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व के बयान, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और रुपये की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। इन कारकों से सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी आने का मतलब यह नहीं है कि भारतीय बाजार में भी कीमतें उसी अनुपात में बढ़ेंगी। खरीदारी या निवेश का फैसला लेने से पहले ताजा घरेलू भाव, टैक्स, मेकिंग चार्ज और अपने जोखिम को ध्यान में रखें।

