Samachar Nama
×

भारत-US ट्रेड डील का पहला फेज फाइनल: पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड FTA पर दिए बड़े अपडेट

भारत-US ट्रेड डील का पहला फेज फाइनल: पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड FTA पर दिए बड़े अपडेट

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) की बातचीत को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण फाइनल हो चुका है और फिलहाल इसकी अंतिम कानूनी ड्राफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौते को जल्द अंतिम रूप देकर लागू किया जा सकेगा, जिससे भारत को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले व्यापार में बढ़त मिल सकती है।पीयूष गोयल ने दिल्ली में आयोजित SRCC शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौतों और देश की आर्थिक विकास संभावनाओं पर भी बात की।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले पीयूष गोयल?

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। समझौते के पहले चरण से जुड़ी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सरकार की कोशिश है कि इसे जल्द पूरा करके लागू किया जाए।

वहीं, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी बातचीत को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चर्चा सही दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौता होने की पूरी उम्मीद है।

हालांकि, अमेरिकी टैरिफ नीति और सेक्शन 301 के तहत चल रही जांच से जुड़े कुछ मुद्दे अभी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। वाणिज्य सचिव के मुताबिक, जांच की ड्राफ्ट रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके सामने आने के बाद टैरिफ से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

20 अक्टूबर से लागू होगा भारत-न्यूजीलैंड FTA

पीयूष गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समझौता 20 अक्टूबर से लागू होने वाला है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मंत्री के मुताबिक, पिछले साढ़े चार वर्षों में भारत ने नौ व्यापार समझौतों को आकार देने की दिशा में काम किया है। इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय कारोबारियों और निर्यातकों के लिए नए बाजार खोलना तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करना है।

यूरोपीय यूनियन के साथ भी ट्रेड डील की तैयारी

भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच व्यापार समझौते को लेकर भी सरकार की नजर आगे की समयसीमा पर है। पीयूष गोयल के अनुसार, समझौते को दिसंबर में अंतिम रूप देने और फरवरी-मार्च 2027 तक इसे लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

यदि यह समझौता तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो यूरोपीय यूनियन के 27 सदस्य देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को नई गति मिल सकती है। इससे भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजारों तक पहुंच बनाने और निर्यात के नए अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भारत टैरिफ में स्थिरता क्यों चाहता है?

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में टैरिफ यानी आयात शुल्क एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत समझौते के तहत टैरिफ व्यवस्था में स्थिरता चाहता है, ताकि कारोबारियों को व्यापारिक फैसले लेने में अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

उन्होंने गैर-बाजार ताकतों के कारण पैदा होने वाली अतिरिक्त उत्पादन क्षमता पर भी चिंता जताई। भारत का मानना है कि ऐसी परिस्थितियां अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े अमेरिकी कानून और उसके संभावित प्रभावों पर भी अधिक स्पष्टता का इंतजार है।

अगले 20-25 साल तक तेजी से बढ़ेगी भारत की अर्थव्यवस्था: गोयल

व्यापार समझौतों के अलावा पीयूष गोयल ने भारत की आर्थिक विकास संभावनाओं पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारत अगले 20 से 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति बनाए रख सकता है।

मंत्री ने इसके पीछे देश की युवा आबादी, विशाल उपभोक्ता बाजार और उद्यमशीलता की क्षमता को प्रमुख वजह बताया। उनके मुताबिक, दुनिया के कई देश भारत के साथ व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाना चाहते हैं, क्योंकि भारत भविष्य के वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य

पीयूष गोयल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने युवाओं और कारोबारियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा देश के विकास में योगदान देने की अपील की। मंत्री के मुताबिक, भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान के पीछे देश की महत्वाकांक्षा, तकनीकी प्रगति और आर्थिक क्षमता अहम भूमिका निभा रही है।

कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील की कानूनी प्रक्रिया, न्यूजीलैंड के साथ FTA और यूरोपीय यूनियन के साथ प्रस्तावित समझौता भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। हालांकि, इन समझौतों के वास्तविक लाभ उनकी अंतिम शर्तों, टैरिफ व्यवस्था और लागू होने की समयसीमा पर निर्भर करेंगे।

Share this story

Tags