ESDS Software का शेयर बना 'रॉकेट': 5 दिन में 260% उछाल, जानिए तेजी की असली वजह
शेयर बाजार में कुछ स्टॉक्स ऐसे होते हैं, जो लिस्टिंग के कुछ ही दिनों में निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। ESDS Software Solutions का शेयर भी इन दिनों ऐसी ही तेज रफ्तार दिखा रहा है। IPO में 429 रुपये के भाव पर मिला यह शेयर महज 5 कारोबारी सत्रों में करीब 260 फीसदी तक चढ़ चुका है।
बुधवार को शेयर में 10 फीसदी का अपर सर्किट लगा था। वहीं गुरुवार दोपहर 12:20 बजे तक NSE पर यह शेयर 7.26 फीसदी की बढ़त के साथ 1,543 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
IPO के 429 रुपये के भाव से 1543 रुपये तक पहुंचा शेयर
ESDS Software Solutions ने 4 सितंबर को शेयर बाजार में एंट्री की थी। कंपनी के शेयर की लिस्टिंग 757 रुपये पर हुई, जो 429 रुपये के IPO भाव से करीब 76 फीसदी प्रीमियम था।
लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी लगातार जारी रही। इसके बाद लगातार चार कारोबारी सत्रों में शेयर ने अपर सर्किट लगाया। कुछ ही दिनों में IPO प्राइस से शेयर की कीमत कई गुना बढ़ गई, जिससे बाजार में इस स्टॉक को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
AI और डेटा सेंटर सेक्टर से मिल रहा सपोर्ट
ESDS के शेयर में आई इस तेज उछाल को भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण ज्यादा कंप्यूटिंग पावर, क्लाउड सेवाओं और GPU आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि भारत का क्लाउड GPU बाजार वित्त वर्ष 2030 तक करीब 50 फीसदी की सालाना दर से बढ़ सकता है।
इसी बीच ESDS को Sharon AI के साथ करीब 1.25 अरब डॉलर का AI इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट मिलने की खबर ने भी निवेशकों का ध्यान कंपनी की ओर खींचा है। इस बड़े सौदे के बाद कंपनी की भविष्य की कमाई को लेकर बाजार की उम्मीदें बढ़ी हैं।
क्या करती है ESDS Software Solutions?
ESDS Software Solutions क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है।
कंपनी GPU-as-a-Service यानी GPUaaS के साथ-साथ क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज और डेटा सेंटर से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है। AI के विस्तार के साथ GPU और हाई-कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ने की उम्मीद कंपनी के कारोबार के लिए अहम मानी जा रही है।
भारत में तेजी से बढ़ रहा डेटा सेंटर बाजार
भारत में डेटा सेंटर सेक्टर के लिए आने वाले कुछ साल बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 2025 में देश की ऑपरेशनल डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.5 से 1.7 GW के आसपास थी, जिसके 2030 तक लगभग 4 GW तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ डेटा स्टोरेज और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ रही है। इसी वजह से निवेशकों की नजर डेटा सेंटर और AI से जुड़ी कंपनियों पर बनी हुई है।
शेयर में भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम
ESDS के शेयर में लिस्टिंग के बाद कारोबार भी काफी सक्रिय रहा। 4 सितंबर को NSE पर करीब 1.58 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ। वहीं 8 सितंबर को लगभग 1.28 करोड़ शेयरों में खरीद-बिक्री हुई।
8 सितंबर का कारोबार IPO के बाद उपलब्ध कुल शेयरों का करीब 11 फीसदी बताया गया। इसी दिन BSE पर लगभग 4.43 लाख शेयर डिलीवरी के लिए दर्ज किए गए। इससे पता चलता है कि शेयर में कीमत बढ़ने के साथ ट्रेडिंग गतिविधि भी काफी ज्यादा रही।
चेयरमैन ने डेटा सेंटर क्षमता को लेकर क्या कहा?
ESDS Software Solutions के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पीयूष सोमानी के मुताबिक, भारत अगले 10 वर्षों में 30 से 40 GW तक नई डेटा सेंटर पावर क्षमता जोड़ सकता है।
उनका मानना है कि देश में बढ़ती बिजली उत्पादन क्षमता, रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियां इस सेक्टर के विस्तार में मदद कर सकती हैं।
उन्होंने भारत में मौजूदा डेटा सेंटर क्षमता करीब 1,545 MW होने की बात कही है। ऐसे में आने वाले वर्षों में इस क्षमता का तेजी से विस्तार डेटा सेंटर कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।
AI बढ़ा रहा है डेटा सेंटर की जरूरत
AI के विस्तार ने डेटा सेंटर इंडस्ट्री का पूरा परिदृश्य बदल दिया है। AI मॉडल को चलाने के लिए बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग पावर और GPU इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है।
नीति आयोग के टेक्नोलॉजी सर्विसेज रोडमैप के मुताबिक, आने वाले दशक में भारत की डेटा सेंटर क्षमता 6 से 7 GW तक बढ़ सकती है। AI से जुड़े काम बढ़ने के साथ GPU से लैस डेटा सेंटर की मांग भी बढ़ने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब डेटा सेंटर केवल टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल अर्थव्यवस्था का रणनीतिक हिस्सा बनता जा रहा है। AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बिजली, जमीन, नेटवर्क कनेक्टिविटी और हाई-कैपेसिटी कंप्यूटिंग की जरूरत भी बढ़ेगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
ESDS के शेयर में IPO के बाद आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन इतनी तेज बढ़त के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बढ़ जाता है। AI और डेटा सेंटर सेक्टर की ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक अवसर पैदा कर सकती है, लेकिन किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, वित्तीय नतीजों, ऑर्डर बुक और भविष्य की कमाई की संभावनाओं का आकलन करना जरूरी है।

