EPFO WhatsApp Service: अब WhatsApp पर चेक कर सकेंगे PF बैलेंस, पिछले 5 ट्रांजैक्शन और पासबुक की मिलेगी जानकारी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों के लिए राहत की खबर है। अब कर्मचारी अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp के जरिए भी पीएफ खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने EPFO की WhatsApp सर्विस की शुरुआत की है। इस सुविधा के माध्यम से कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा राशि, पिछले पांच ट्रांजैक्शन और पासबुक का विवरण देख सकेंगे।
श्रम मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य EPFO की सेवाओं को ज्यादा आसान और सुलभ बनाना है, ताकि सदस्यों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
WhatsApp पर मिलेंगी PF खाते से जुड़ी ये सुविधाएं
नई सुविधा के तहत EPFO के वेरिफाइड WhatsApp सर्विस चैनल के जरिए सदस्य कई तरह की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इनमें शामिल हैं:
- पीएफ खाते में जमा कुल राशि की जानकारी।
- पिछले पांच ट्रांजैक्शन का विवरण।
- पीएफ पासबुक से जुड़ी जानकारी।
- व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सहायता।
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में मदद।
इस सुविधा से कर्मचारियों को रोजमर्रा की EPFO सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध होंगी और प्रक्रिया पहले से आसान हो सकेगी।
1,000 रुपये तक वाले इनएक्टिव PF खातों का होगा ऑटोमेटिक निपटान
EPFO ने निष्क्रिय यानी इनएक्टिव पीएफ खातों के पात्र मामलों के लिए ऑटोमेटिक सेटलमेंट की सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत आधार से सत्यापित ऐसे निष्क्रिय खातों में जमा 1,000 रुपये तक की राशि के लिए सदस्यों को अलग से क्लेम आवेदन जमा नहीं करना होगा।
मंत्रालय के मुताबिक, EPFO जरूरी पहचान और बैंक खाते का सत्यापन करने के बाद पात्र खातों का निपटान अपने आप शुरू करेगा। इसके बाद संबंधित लाभार्थियों की बकाया राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सकेगी।
इस पहल से करीब एक लाख खातों को लाभ मिलने का अनुमान है। इन खातों में कुल लगभग 5 करोड़ रुपये जमा हैं।
8 करोड़ से ज्यादा सदस्य EPFO से जुड़े
EPFO के 74वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने संगठन की भूमिका और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 74 वर्षों के सफर में EPFO देश के कामगारों के लिए एक भरोसेमंद संस्था के रूप में सामने आया है।
मंत्री के अनुसार, EPFO के आठ करोड़ से अधिक सदस्य हैं और उनके योगदान से संगठन के पास करीब 32 लाख करोड़ रुपये का कोष जमा हुआ है। उन्होंने इसके लिए EPFO कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत की सराहना की।
जारी किए गए सात नए प्रकाशन
स्थापना दिवस समारोह के दौरान सात प्रकाशनों का भी विमोचन किया गया। मंत्रालय के अनुसार, ये प्रकाशन ज्ञान सृजन, संस्थागत सीख, कानूनी जागरूकता और संवेदनशील प्रशासन के प्रति EPFO की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
मांडविया ने अधिकारियों से संगठन के 75वें वर्ष में प्रवेश करने से पहले कामगारों की जरूरतों के अनुसार नई पहल करने और सेवाओं में लगातार सुधार करने का आग्रह किया। उन्होंने बदलती परिस्थितियों के अनुरूप काम करने और चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया।

