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Dhanteras 2026: पत्नी के नाम पर खरीद रहे हैं सोना तो जान लें इनकम टैक्स के नियम, बेचने पर पति को भी देना पड़ सकता है टैक्स

Dhanteras 2026: पत्नी के नाम पर खरीद रहे हैं सोना तो जान लें इनकम टैक्स के नियम, बेचने पर पति को भी देना पड़ सकता है टैक्स

धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग सोने के सिक्के, गहने और गोल्ड बार खरीदते हैं। कई परिवारों में पति अपनी कमाई से पत्नी के लिए सोना खरीदते हैं, लेकिन ज्वेलरी का बिल पत्नी के नाम पर बनवाते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि ऐसा करने से भविष्य में टैक्स की जिम्मेदारी भी पत्नी की ही होगी। हालांकि, इनकम टैक्स के नियम इस मामले में कुछ अलग हैं।

दरअसल, सोना किसके नाम पर खरीदा गया है, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि उसे खरीदने के लिए पैसा किसने दिया है। अगर पति अपनी कमाई से पत्नी के नाम पर सोना खरीदता है या उसे पैसे गिफ्ट करता है और पत्नी उन पैसों से सोना खरीदती हैं, तो भविष्य में सोना बेचने पर टैक्स से जुड़े नियम लागू हो सकते हैं। आइए समझते हैं कि पत्नी के नाम पर सोना खरीदने पर टैक्स का गणित क्या है।

पत्नी के नाम पर सोना खरीदने पर लागू हो सकता है क्लबिंग का नियम

इनकम टैक्स में क्लबिंग ऑफ इनकम का प्रावधान है। इसके तहत अगर पति अपनी कमाई से पत्नी को कोई संपत्ति गिफ्ट करता है या बिना पर्याप्त भुगतान के ट्रांसफर करता है, तो उस संपत्ति से होने वाली कुछ आय पति की कुल आय में जोड़ी जा सकती है।

उदाहरण के तौर पर, अगर पति अपनी सैलरी से 5 लाख रुपये का सोना खरीदकर पत्नी के नाम कर देता है और कुछ साल बाद पत्नी उसे बेचकर मुनाफा कमाती हैं, तो इस मुनाफे को पति की आय में शामिल किया जा सकता है। यानी सिर्फ बिल पत्नी के नाम होने से टैक्स की जिम्मेदारी उनसे अलग नहीं हो जाती।

पति से मिले पैसों से सोना खरीदने पर क्या होगा?

अगर पति पत्नी को पैसे गिफ्ट करता है और पत्नी उन पैसों से सोना खरीदती हैं, तो इस मामले में भी क्लबिंग के प्रावधान लागू हो सकते हैं। हालांकि, पति से पत्नी को मिलने वाले गिफ्ट पर आमतौर पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता, क्योंकि पति-पत्नी इनकम टैक्स कानून के तहत रिश्तेदार की श्रेणी में आते हैं।

लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है कि गिफ्ट के रूप में मिले पैसों पर टैक्स नहीं लगने का मतलब यह नहीं है कि उनसे खरीदी गई संपत्ति को बेचने पर होने वाला मुनाफा भी टैक्स फ्री होगा। सोना बेचने से होने वाला कैपिटल गेन पति की आय में जोड़ा जा सकता है।

पत्नी अपनी कमाई से सोना खरीदे तो क्या होगा?

अगर पत्नी नौकरी करती हैं, बिजनेस करती हैं या उनकी अपनी कोई कमाई है और उसी पैसे से सोना खरीदती हैं, तो आमतौर पर क्लबिंग का नियम लागू नहीं होगा। ऐसी स्थिति में सोना बेचने से होने वाले मुनाफे पर टैक्स की जिम्मेदारी पत्नी की होगी।

इसके अलावा, पति से मिलने वाले नियमित घरेलू खर्च या व्यक्तिगत जरूरतों के लिए दिए गए पैसे से की गई खरीदारी की स्थिति भी अलग हो सकती है। हालांकि, हर मामले में पैसों के वास्तविक स्रोत और लेनदेन की प्रकृति को देखना जरूरी है।

सोना बेचने पर कितना देना होगा टैक्स?

सोना बेचने से होने वाले मुनाफे पर कितना टैक्स लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सोना कितने समय तक अपने पास रखा गया था।

1. 24 महीने या उससे कम समय तक रखा सोना: अगर सोना खरीदने के 24 महीने के भीतर बेच दिया जाता है, तो उससे होने वाला मुनाफा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा। इस मुनाफे को संबंधित व्यक्ति की टैक्सेबल इनकम में जोड़कर लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाएगा।

2. 24 महीने से ज्यादा समय तक रखा सोना: अगर सोना 24 महीने से अधिक समय तक रखने के बाद बेचा जाता है, तो उससे होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा। मौजूदा नियमों के अनुसार इस पर बिना इंडेक्सेशन के 12.5 फीसदी की दर से टैक्स लगता है।

कैसे निकलेगा कैपिटल गेन?

सोना बेचने से मिले कुल पैसे में से उसकी खरीद की लागत और बिक्री से जुड़े पात्र खर्च घटाने के बाद मुनाफे की गणना की जाती है। इसी मुनाफे पर लागू नियमों के अनुसार टैक्स देय होता है।

इनकम टैक्स विभाग पूछ सकता है सोना खरीदने के पैसों का हिसाब

पत्नी के नाम पर सोना खरीदना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है। लेकिन अगर पत्नी की घोषित कमाई के मुकाबले उनके नाम पर काफी महंगा सोना खरीदा गया है, तो इनकम टैक्स विभाग खरीदारी के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों का स्रोत पूछ सकता है।

अगर पैसों के स्रोत की संतोषजनक जानकारी नहीं दी जाती है, तो इनकम टैक्स कानून के अनएक्सप्लेंड इन्वेस्टमेंट और अनएक्सप्लेंड एसेट से जुड़े प्रावधान लागू हो सकते हैं। इसलिए सोना खरीदते समय पैसों के लेनदेन का सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है।

धनतेरस पर सोना खरीदते समय जरूर रखें ये दस्तावेज

टैक्स से जुड़ी भविष्य की परेशानियों से बचने के लिए पति-पत्नी को सोने की खरीदारी से जुड़े जरूरी दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए।

  • सोने की खरीदारी का ओरिजिनल बिल और रसीद।

  • भुगतान किस बैंक खाते से हुआ, इसका रिकॉर्ड।

  • पति से पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर करने का बैंक स्टेटमेंट।

  • गिफ्ट के रूप में पैसे दिए गए हों तो उसका उचित दस्तावेजी रिकॉर्ड।

  • जरूरत पड़ने पर सोने का वैल्यूएशन सर्टिफिकेट।

इन दस्तावेजों से भविष्य में यह साबित करना आसान होगा कि सोना खरीदने के लिए पैसा कहां से आया था और खरीदारी किसकी कमाई से की गई थी।

क्या पत्नी के नाम पर सोना खरीदना टैक्स बचाने का तरीका है?

धनतेरस पर पत्नी के नाम से सोना खरीदना एक सामान्य पारिवारिक परंपरा हो सकती है, लेकिन इसे टैक्स बचाने का पक्का तरीका समझना सही नहीं है। इनकम टैक्स में केवल बिल पर लिखे नाम को नहीं, बल्कि खरीदारी के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत और संपत्ति से होने वाली आय को भी महत्व दिया जाता है।

इसलिए धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले टैक्स के इन नियमों को समझना जरूरी है। सही दस्तावेज और पैसों के लेनदेन का स्पष्ट रिकॉर्ड रखने से भविष्य में इनकम टैक्स से जुड़ी परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।

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