Crude Oil Price: कच्चे तेल में उछाल से बढ़ी चिंता, ब्रेंट 117 डॉलर के पार; पेट्रोल-डीजल पर टिकी नजरें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व में अस्थिर हालात के बीच तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। वायदा कारोबार में कच्चे तेल का नवंबर अनुबंध 299 रुपये की बढ़त के साथ 9,783 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस तेजी के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, फिलहाल देश में इनके दाम बढ़ाए जाने की कोई जानकारी नहीं है।
MCX पर कच्चे तेल की कीमत में तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर नवंबर में डिलीवरी वाला कच्चे तेल का अनुबंध 299 रुपये यानी 3.15% बढ़कर 9,783 रुपये प्रति बैरल हो गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कारोबारियों की ओर से सौदों का आकार बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों के कारण वायदा कीमतों में तेजी आई।
ब्रेंट और WTI क्रूड के दाम भी चढ़े
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड करीब 4% की तेजी के साथ 103.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव भी लगभग 4% बढ़कर 117.45 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी लगातार बने वैश्विक तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच आई है।
मध्य पूर्व में तनाव से तेल बाजार पर दबाव
मध्य पूर्व में बढ़ती अस्थिरता ने तेल कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। सऊदी अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र पर हुए हमले में एक कर्मचारी की मौत की खबर भी सामने आई।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि सऊदी अरामको ने सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए फारस की खाड़ी के क्षेत्र में स्थित अपने दहरान मुख्यालय से कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया। हालांकि, ऐसे घटनाक्रमों का तेल आपूर्ति पर वास्तविक असर स्थिति और आधिकारिक जानकारी पर निर्भर करेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव से कीमतों में और उछाल की आशंका
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं मिलने से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगातार चौथे सप्ताह तेजी दर्ज होने की बात कही गई है। वहीं, WTI क्रूड की कीमतों में भी पिछले सप्ताह की बढ़त के बाद इजाफा देखने को मिला।
क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में फिलहाल बढ़ोतरी की जानकारी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से ईंधन की कीमतों पर दबाव बन सकता है, लेकिन घरेलू दरें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। इसलिए केवल कच्चे तेल की मौजूदा तेजी के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि पेट्रोल-डीजल कब और कितना महंगा होगा।
आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, मध्य पूर्व की स्थिति और कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम पर निवेशकों और उपभोक्ताओं की नजर बनी रहेगी।

