शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निफ्टी में भी बड़ी गिरावट, जानिए 4 बड़े कारण
भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 12 अक्टूबर को भारी दबाव देखने को मिल रहा है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटकर 71,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी में करीब 150 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है और यह 22,400 के आसपास बना हुआ है। बाजार में IT, बैंकिंग और FMCG सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिल रही है।बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। आखिर शेयर बाजार में अचानक गिरावट क्यों आई? इसके पीछे चार बड़े कारण सामने आ रहे हैं।
पहला कारण: RBI के सख्त रुख से बढ़ी चिंता
भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने से बाजार पर दबाव बढ़ा है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के कारण निवेशक सतर्क हो गए हैं। अगर आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है, जिसका असर उनके मुनाफे और शेयरों की कीमतों पर पड़ सकता है।
दूसरा कारण: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी
वैश्विक बाजार में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की 30 साल की बॉन्ड यील्ड 5.71% के पार पहुंच गई है। बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ने पर कुछ निवेशक शेयरों से पैसा निकालकर बॉन्ड जैसे विकल्पों में निवेश करना पसंद करते हैं। इससे शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ सकती है।
तीसरा कारण: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमलों की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 2% बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कच्चा तेल महंगा होने से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी को भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
चौथा कारण: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब 25,595 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। लगातार हो रही इस बिकवाली से बाजार में दबाव बढ़ा है।हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs इस दौरान खरीदारी कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने पिछले सात कारोबारी दिनों में करीब 25,132 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार की तेजी पर असर डाल रही है।
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में आज कारोबार मिला-जुला रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.59% गिरा, जबकि जापान के निक्केई में मामूली गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.24% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।वहीं, इससे पहले 9 अक्टूबर को अमेरिकी बाजारों में तेजी रही थी। डाउ जोन्स 0.83%, नैस्डैक 0.64% और S&P 500 इंडेक्स 0.59% की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में आई थी तेजी
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 879 अंक यानी 1.23% बढ़कर 72,472 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी भी 289 अंक चढ़कर 22,520 के स्तर पर पहुंच गया था।लेकिन आज RBI के सख्त रुख, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की चाल बदल दी है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल बाजार की दिशा पर वैश्विक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का असर बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता और निवेश रणनीति को ध्यान में रखना चाहिए।

