दिल्ली की नई EV पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी, फुटेज में जाने 30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स-रजिस्ट्रेशन फीस माफ
दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस नीति पर सहमति बनी, जिसके तहत 30 लाख रुपए तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह छूट दी जाएगी।सरकार का मानना है कि इस फैसले से अधिक से अधिक लोग पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। इससे न केवल ईंधन पर निर्भरता कम होगी, बल्कि राजधानी की हवा को भी साफ रखने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इस नई EV पॉलिसी को अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे 1 जुलाई से लागू करने की तैयारी में है।नई नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य दिल्ली में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है।
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। खासकर सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी तक पहुंच जाता है। ऐसे में सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से वाहन प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण को राहत मिलेगी।विशेषज्ञों का कहना है कि रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिलने से इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती लागत कम होगी, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए इन्हें खरीदना अधिक आकर्षक बन सकता है। यह कदम देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और प्रदूषण मुक्त परिवहन प्रणाली को मजबूत करना है। नई EV पॉलिसी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि उपराज्यपाल की मंजूरी मिल जाती है, तो 1 जुलाई से लागू होने वाली यह नीति दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी और स्वच्छ परिवहन को नई गति देगी।

