Breaking Update : Windfall Tax Cut: पेट्रोल-डीजल और ATF पर सरकार ने घटाया विंडफॉल टैक्स, जानें अब कितनी हुई लेवी
केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को राहत देते हुए पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी ATF पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है. सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली लेवी को कम करने का फैसला किया है. नए बदलाव के बाद डीजल, पेट्रोल और ATF के निर्यात पर पहले के मुकाबले कम शुल्क देना होगा.
डीजल निर्यात पर लेवी में कटौती
सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाली लेवी को घटा दिया है. पहले डीजल निर्यात पर 25 रुपये प्रति लीटर की दर से शुल्क लगाया जा रहा था.
अब इसे कम करके 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यानी डीजल निर्यात पर कंपनियों को पहले की तुलना में 5 रुपये प्रति लीटर कम लेवी देनी होगी.
पेट्रोल पर भी घटा निर्यात शुल्क
पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली लेवी में भी बड़ी कटौती की गई है. पहले पेट्रोल पर 1.50 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क था.
सरकार के नए फैसले के बाद यह घटकर सिर्फ 50 पैसे प्रति लीटर रह गया है. यानी पेट्रोल पर निर्यात शुल्क में 1 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है.
ATF पर अब 15 रुपये प्रति लीटर लेवी
विमान ईंधन यानी Aviation Turbine Fuel (ATF) पर भी विंडफॉल टैक्स कम किया गया है. पहले ATF के निर्यात पर 19 रुपये प्रति लीटर की लेवी लागू थी.
अब सरकार ने इसे घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. इस तरह ATF के निर्यात पर शुल्क में 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती हुई है.
तीनों पेट्रोलियम उत्पादों पर कितना बदला टैक्स?
सरकार के इस फैसले के बाद पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू नई लेवी इस प्रकार है:
• डीजल: 25 रुपये से घटकर 20 रुपये प्रति लीटर
• पेट्रोल: 1.50 रुपये से घटकर 50 पैसे प्रति लीटर
• ATF: 19 रुपये से घटकर 15 रुपये प्रति लीटर
विंडफॉल टैक्स में इस तरह की कटौती का सीधा असर पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर पड़ने वाली लागत पर होता है. हालांकि इसका घरेलू पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर सीधा और तत्काल असर होना जरूरी नहीं है, क्योंकि पंप कीमतें कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करती हैं.
सरकार समय-समय पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों तथा बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए इस तरह की लेवी में बदलाव करती है.

