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UPI पर चार्ज की अटकलों के बीच बड़ा अपडेट: फेस्टिव सीजन तक टल सकता है फैसला, जानिए अब कब से लगेगा शुल्क?

UPI पर चार्ज की अटकलों के बीच बड़ा अपडेट: फेस्टिव सीजन तक टल सकता है फैसला, जानिए अब कब से लगेगा शुल्क?

देश में ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले MDR यानी Merchant Discount Rate चार्ज को फिलहाल टाला जा सकता है। व्यापारी संगठनों ने इसको लेकर NPCI के सामने प्रस्ताव रखा है और इसे फेस्टिव सीजन तक टालने की मांग की है।व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में बाजारों में बिक्री काफी बढ़ जाती है और बड़ी संख्या में ग्राहक UPI के जरिए भुगतान करते हैं। ऐसे में इसी दौरान नया चार्ज लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ सकता है।

31 दिसंबर तक टालने की मांग

व्यापारी संगठनों ने NPCI से आग्रह किया है कि 15 अक्टूबर से प्रस्तावित MDR को फिलहाल लागू न किया जाए। उनकी मांग है कि इसे कम से कम 31 दिसंबर 2026 तक टाल दिया जाए और नए साल यानी 1 जनवरी 2027 से इसे लागू किया जाए।सूत्रों के मुताबिक, NPCI ने सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की है, लेकिन अभी तक इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

वित्त मंत्री से भी की गई अपील

व्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्री के सामने भी यह मुद्दा उठाया है। एक लिखित ज्ञापन में व्यापारियों ने Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने की तारीख को करीब 6 हफ्ते आगे बढ़ाने की मांग की है।

व्यापारियों का कहना है कि MDR को लेकर अभी भी काफी असमंजस है। इसलिए उनका सुझाव है कि 15 अक्टूबर की जगह इसे 1 जनवरी 2027 से लागू किया जाए।

आखिर कितना होगा MDR चार्ज?

प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा P2M UPI ट्रांजैक्शन पर सामान्य MDR दर 0.4% होगी।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति किसी व्यापारी को ₹75,000 का भुगतान करता है, तो 0.4% के हिसाब से MDR ₹300 बनेगा। प्रस्ताव में प्रति ट्रांजैक्शन MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है।

यानी ₹75,000 या उससे ज्यादा के पात्र ट्रांजैक्शन पर अधिकतम ₹300 MDR लागू होगा।

हर ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज नहीं

यह समझना जरूरी है कि ₹2,000 से ज्यादा का हर UPI ट्रांजैक्शन MDR के दायरे में नहीं आएगा।

यह चार्ज केवल तय Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। वहीं रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ जरूरी सेक्टरों में ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर फ्लैट ₹5 MDR का प्रावधान बताया गया है।

ग्राहकों से सीधे नहीं लिया जाएगा MDR

MDR का भुगतान ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा। यानी UPI से सामान खरीदते समय ग्राहक से अलग से MDR चार्ज वसूलने का प्रावधान नहीं है। बैंकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि व्यापारी MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें।

96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर असर नहीं

सरकार के मुताबिक, करीब 96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR से प्रभावित नहीं होंगे।

₹2,000 तक के सभी UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा। इसके अलावा Person-to-Person यानी P2P UPI पेमेंट किसी भी रकम पर फ्री रहेगा।छोटे व्यापारियों को QR कोड के जरिए महीने में ₹1 लाख तक मिलने वाली रकम पर भी MDR नहीं लगेगा। वहीं RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन पर भी MDR शून्य रहेगा।

अब NPCI के फैसले पर नजर

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15 अक्टूबर से प्रस्तावित MDR लागू होगा या व्यापारियों की मांग को देखते हुए इसकी तारीख आगे बढ़ाई जाएगी। अगर प्रस्ताव स्वीकार होता है तो फेस्टिव सीजन के दौरान व्यापारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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