त्योहारों से पहले आम जनता को बड़ी राहत: दिल्ली से कानपुर तक सस्ती हुई चीनी, जानें आपके शहर में क्या हैं नए रेट्स
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। मिठाई, पेय पदार्थ और घरों में बढ़ने वाली खपत के कारण इस दौरान चीनी की मांग आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहती है। ऐसे में चीनी महंगी होने से मिठाइयों और दूसरी खाद्य चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका थी।
हालांकि, अब बाजार से राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के खुदरा दामों में तेज गिरावट देखने को मिली है। 22 अगस्त से 21 सितंबर के बीच कई बड़े शहरों में चीनी की कीमत करीब 12 से 16 रुपये प्रति किलो तक नीचे आई है। ताजा उपलब्ध शहरवार आंकड़ों में 21 सितंबर को दिल्ली में चीनी 53 रुपये, कानपुर में 52 रुपये और मुंबई में 53 रुपये प्रति किलो के आसपास दर्ज की गई।
दिल्ली में 68 से घटकर 53 रुपये किलो
22 अगस्त को दिल्ली में चीनी का खुदरा भाव करीब 68 रुपये प्रति किलो था। 21 सितंबर तक यह घटकर 53 रुपये प्रति किलो रह गया। यानी करीब 15 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई।
इसी तरह कानपुर में कीमत 69 रुपये से घटकर 52 रुपये प्रति किलो, मुंबई में 68 से 53 रुपये और रायपुर में 68 से 53 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई।
रांची और कोलकाता में भी चीनी के दाम 70 रुपये से घटकर करीब 54 रुपये प्रति किलो रह गए। गुवाहाटी में 71 रुपये से घटकर 55 रुपये और चेन्नई में 70 रुपये से घटकर 56 रुपये प्रति किलो तक भाव पहुंचा।
प्रमुख शहरों में चीनी का भाव
| शहर | 22 अगस्त का भाव | 21 सितंबर का भाव |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹68/kg | ₹53/kg |
| कानपुर | ₹69/kg | ₹52/kg |
| रायपुर | ₹68/kg | ₹53/kg |
| मुंबई | ₹68/kg | ₹53/kg |
| रांची | ₹70/kg | ₹54/kg |
| कोलकाता | ₹70/kg | ₹54/kg |
| गुवाहाटी | ₹71/kg | ₹55/kg |
| हैदराबाद | ₹70/kg | ₹53/kg |
| चेन्नई | ₹70/kg | ₹56/kg |
थोक बाजार में भी आई बड़ी गिरावट
चीनी के थोक बाजार में भी पिछले कुछ समय में कीमतों में काफी नरमी आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त के दौरान कई बाजारों में चीनी के एक्स-मिल भाव 6,500 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर चले गए थे। सितंबर की शुरुआत तक अखिल भारतीय औसत एक्स-मिल कीमत करीब 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गई थी।
इस गिरावट के पीछे सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। इसके अलावा चीनी मिलों को पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने और त्योहारों के दौरान उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सरकार की कोशिशों का दिखने लगा असर
चीनी की कीमतों में तेजी के बाद सरकार ने बाजार पर निगरानी बढ़ाई थी। अगस्त के आखिर में देश की औसत खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें नरमी आई। सितंबर के मध्य तक अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 60 रुपये प्रति किलो के नीचे आ गई थी।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि देश के हर शहर में चीनी एक ही भाव पर बिक रही है। स्थानीय बाजार, परिवहन लागत और सप्लाई के आधार पर कीमतों में अंतर बना हुआ है।
क्या त्योहारों में मिठाई सस्ती होगी?
चीनी की कीमतों में गिरावट से मिठाई और दूसरी चीनी आधारित चीजों की लागत पर दबाव कुछ कम हो सकता है। लेकिन इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि मिठाइयों के दाम भी उसी अनुपात में कम हो जाएंगे।
मिठाई की कीमत में दूध, खोया, ड्राई फ्रूट्स, घी, गैस, मजदूरी और दूसरी लागत भी शामिल होती हैं। इसलिए चीनी सस्ती होने का असर दुकानों पर अलग-अलग तरीके से दिखाई दे सकता है।
फिलहाल त्योहारों से पहले चीनी के दाम में आई गिरावट आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर जरूर है। हालांकि, त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के कारण कीमतों में आगे फिर बदलाव हो सकता है।

