8वें वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा! LTC स्कीम 2028 तक बढ़ी, इन कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले
देश के 49 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और नॉर्थ-ईस्ट के 8 राज्यों की हवाई यात्रा से जुड़ी विशेष LTC सुविधा को दो साल के लिए बढ़ा दिया है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के पत्र के मुताबिक, यह विशेष सुविधा पहले 26 सितंबर 2026 तक लागू थी। अब इसे बढ़ाकर 25 सितंबर 2028 तक कर दिया गया है। इसके तहत पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को इन क्षेत्रों की यात्रा के लिए LTC का लाभ मिल सकेगा।
होमटाउन LTC को टूर के लिए कर सकते हैं कन्वर्ट
इस योजना की खास बात यह है कि पात्र केंद्रीय कर्मचारी 4 साल के ब्लॉक में मिलने वाली अपनी एक होमटाउन LTC को देश के चुनिंदा क्षेत्रों की यात्रा के लिए कन्वर्ट करा सकते हैं।
इसके तहत कर्मचारी नॉर्थ-ईस्ट, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर या लद्दाख की यात्रा कर सकते हैं।
LTC यानी Leave Travel Concession के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी पात्रता के अनुसार घर जाने या देश में यात्रा करने के लिए रेल अथवा हवाई यात्रा का खर्च दिया जाता है। नियमों के तहत यात्रा करने के बाद पात्र खर्च की प्रतिपूर्ति की जाती है।
नए कर्मचारियों को भी मिलेगा फायदा
यह सुविधा नए भर्ती हुए पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध रहेगी। जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि अभी 9 साल से कम है, उन्हें चार साल के ब्लॉक में तीन होमटाउन LTC और एक ऑल इंडिया LTC का अधिकार होता है।
ऐसे कर्मचारी अपने तीन होमटाउन LTC में से एक को नॉर्थ-ईस्ट, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर या लद्दाख की यात्रा के लिए कन्वर्ट करा सकते हैं।
इसके अलावा नए कर्मचारियों को चार साल के ब्लॉक में जम्मू-कश्मीर या लद्दाख की यात्रा के लिए एक अतिरिक्त होमटाउन LTC कन्वर्जन की अनुमति भी दी गई है।
किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ?
ऐसे केंद्रीय कर्मचारी जिनका होमटाउन और हेडक्वार्टर या नौकरी का शहर एक ही है, उन्हें इस विशेष सुविधा का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसकी वजह यह है कि ऐसे कर्मचारियों को होमटाउन LTC का अधिकार नहीं होता, इसलिए उसे टूर के लिए कन्वर्ट भी नहीं किया जा सकता।
इस नियम को लेकर AINPSF की ओर से आपत्ति जताई गई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि अगर किसी कर्मचारी की पोस्टिंग उसके अपने होमटाउन में हो गई है, तो इसमें कर्मचारी की कोई गलती नहीं है। ऐसे कर्मचारियों को भी होमटाउन LTC का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे उसे देश के दूसरे हिस्सों की यात्रा के लिए कन्वर्ट कर सकें।
हवाई यात्रा के लिए क्या हैं नियम?
जिन केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी सेवा शर्तों के तहत हवाई यात्रा की पात्रता है, वे निर्धारित नियमों के अनुसार अपने हेडक्वार्टर से संबंधित यात्रा कर सकते हैं।
वहीं, जिन कर्मचारियों को सामान्य परिस्थितियों में हवाई यात्रा की अनुमति नहीं है, उन्हें भी इस विशेष LTC योजना के तहत इकोनॉमी क्लास में किसी भी एयरलाइन से यात्रा करने की सुविधा दी गई है। हालांकि, इसके लिए कुछ निर्धारित रूट तय किए गए हैं।
- कोलकाता या गुवाहाटी से नॉर्थ-ईस्ट के किसी भी शहर तक
- कोलकाता, चेन्नई या विशाखापट्टनम से पोर्ट ब्लेयर तक
- दिल्ली या अमृतसर से जम्मू-कश्मीर या लद्दाख के किसी भी स्थान तक
इन निर्धारित रूट्स पर हवाई यात्रा करने वाले कर्मचारियों को अपने हेडक्वार्टर से संबंधित शहर—जैसे कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, विशाखापट्टनम, दिल्ली या अमृतसर—तक की यात्रा ट्रेन से और निर्धारित श्रेणी के अनुसार करनी होगी।
सरकार के इस फैसले से उन हजारों केंद्रीय कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो सितंबर 2026 की समयसीमा से पहले इन क्षेत्रों की यात्रा नहीं कर पाए थे। अब उन्हें सितंबर 2028 तक इस विशेष LTC सुविधा का लाभ उठाने का अतिरिक्त मौका मिलेगा।

