चार साल बाद ईंधन कीमतों में बड़ा बदलाव, पेट्रोल-डीजल 3 रुपये महंगा, CNG भी बढ़ी
भारत में लंबे समय बाद ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब चार साल के अंतराल के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि सीएनजी (CNG) के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए गए हैं। नए रेट 15 मई से लागू किए गए हैं।
कीमतों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का असर देशभर के फ्यूल स्टेशनों पर साफ दिखाई दिया, जहां सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। कई जगह लोगों ने बढ़ोतरी लागू होने से पहले ही टैंक फुल कराने के लिए देर रात और तड़के ही पेट्रोल पंपों का रुख किया।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति दबाव के कारण यह निर्णय लिया गया है। साथ ही परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी भी इस संशोधन का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन कीमतों में यह बदलाव सीधे तौर पर महंगाई पर असर डाल सकता है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना रहती है।
सीएनजी की कीमतों में वृद्धि से खासकर टैक्सी, ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं निजी वाहन उपयोगकर्ताओं में भी इस फैसले को लेकर चिंता देखी जा रही है।
सरकारी और तेल कंपनियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मूल्य संशोधन बाजार आधारित प्रणाली के तहत किया गया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर-रुपया विनिमय दर और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखा जाता है।
इधर, फ्यूल स्टेशनों पर भीड़ को देखते हुए कई जगह सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है। कुछ शहरों में देर रात तक पेट्रोल पंप खुले रखने की भी खबरें सामने आई हैं।
फिलहाल, इस बढ़ोतरी के बाद आम जनता पर बढ़ते खर्च को लेकर चर्चा तेज हो गई है और सभी की नजरें आने वाले दिनों में ईंधन बाजार की स्थिरता पर टिकी हुई हैं।

