दिल्ली-NCR में बड़ा बदलाव: 2027 से CNG-डीजल ऑटो पर रोक, सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो का होगा रजिस्ट्रेशन
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने क्षेत्र में ऑटो रिक्शा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए संकेत दिया है कि वर्ष 2027 से CNG और डीजल ऑटो के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लग सकती है। इसके बाद केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा को ही रजिस्ट्रेशन की अनुमति दिए जाने की संभावना है।
इस कदम का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाना बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट सेक्टर प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत है, और ऑटो रिक्शा जैसे वाहनों को इलेक्ट्रिक विकल्प में बदलना इस दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि मौजूदा ऑटो चालकों को किसी तरह की अचानक परेशानी का सामना न करना पड़े। पहले से चल रहे CNG और डीजल ऑटो को एक निश्चित अवधि तक संचालन की अनुमति मिल सकती है, लेकिन नए परमिट केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दिए जाएंगे।
इस फैसले के बाद ऑटो चालकों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों में चर्चा तेज हो गई है। कई चालकों का कहना है कि इलेक्ट्रिक ऑटो की शुरुआती लागत अधिक है और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी पूरी तरह विकसित नहीं है। ऐसे में सरकार को सब्सिडी और बेहतर सुविधाएं देनी चाहिए ताकि बदलाव को आसान बनाया जा सके।
वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला लंबे समय में बेहद सकारात्मक साबित हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि ईंधन पर निर्भरता भी घटेगी।
CAQM का यह कदम केंद्र सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नीति के अनुरूप माना जा रहा है, जिसके तहत देशभर में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम अधिसूचना और विस्तृत गाइडलाइंस का इंतजार किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

