Bank Strike Alert : दो दिन बंद रहेंगे बैंकिंग कामकाज, चेक करें हड़ताल की पूरी डिटेल और तारीख
यह देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका है। अपनी लंबित मांगों और कर्मचारियों के अधिकारों का हवाला देते हुए, ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने मई में दो दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल के चलते, महीने के आखिर में बैंक की शाखाओं में कामकाज लगातार चार दिनों तक ठप रह सकता है।
शाखाएं लगातार 4 दिनों तक बंद रहेंगी
बैंक कर्मचारी 25 मई (सोमवार) और 26 मई (मंगलवार) को हड़ताल पर रहेंगे। इससे पहले, बैंक 23 मई को (महीने का चौथा शनिवार होने के कारण) और 24 मई को (रविवार होने के कारण) बंद रहेंगे। इस तरह, बैंक की शाखाएं शनिवार से मंगलवार तक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगी।
यह हड़ताल क्यों हो रही है?
फेडरेशन का आरोप है कि कर्मचारियों की शिकायतों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है और समझौतों को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की आवाज़ को दबाया जा रहा है, और कई फैसले बिना किसी पूर्व परामर्श के लागू किए जा रहे हैं।
कर्मचारियों की 16 मुख्य मांगें
मैसेंजर (सहायक कर्मचारी) की भर्ती शुरू की जानी चाहिए। हथियारबंद गार्डों की भर्ती की जानी चाहिए। NPS (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) के तहत आने वाले कर्मचारियों को अपना पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प मिलना चाहिए। 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को इंटर-सर्कल ट्रांसफर (एक सर्कल से दूसरे सर्कल में तबादले) की सुविधा दी जानी चाहिए। स्थायी नौकरियों के लिए आउटसोर्सिंग बंद की जानी चाहिए। पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती की जानी चाहिए। वेतन विसंगतियों से जुड़े मुद्दों को हल किया जाना चाहिए।
करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा की जानी चाहिए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाना चाहिए। चिकित्सा खर्च और प्रतिपूर्ति (reimbursement) की प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए। वेतन के सभी घटकों को पेंशन की गणना में शामिल किया जाना चाहिए। HRMS प्रणाली के भीतर आने वाली समस्याओं को हल किया जाना चाहिए। एक 'वर्कमैन डायरेक्टर' नियुक्त किया जाना चाहिए। PF (भविष्य निधि) ट्रस्ट के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त किया जाना चाहिए। 'क्रॉस-सेलिंग' की आड़ में उत्पादों की गलत बिक्री (mis-selling) को रोका जाना चाहिए। NPS और पेंशन से संबंधित मांगें।
सुरक्षा और पेंशन को लेकर मुख्य चिंताएं
सूरत शाखा में हाल ही में हुई लूट की घटना का हवाला देते हुए, बैंक के भीतर सुरक्षा गार्डों की कमी को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। मांगों में पेंशन की गणना में वेतन के सभी घटकों को शामिल करना और मेडिकल खर्चों की भरपाई की प्रक्रिया में सुधार करना शामिल है।
हड़ताल से पहले के विरोध कार्यक्रम
हड़ताल से पहले पूरे देश में अलग-अलग तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। आज (5 मई) लंच ब्रेक के दौरान एक प्रदर्शन किया गया; 7 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस तय है, जिसके बाद 11 मई को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन होंगे। 19 मई को वित्त मंत्री को और 21 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांगों का एक चार्टर सौंपा जाएगा।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
25 और 26 मई को चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन और ब्रांच-लेवल की दूसरी सेवाएं बाधित रह सकती हैं। हालांकि, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी ऑनलाइन सेवाएं हड़ताल के दौरान चालू रहने की उम्मीद है।

