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Apple के नए CEO जॉन टर्नस, वीडियो में जाने 26 साल के इंजीनियर से कंपनी की कमान तक का सफर

Apple के नए CEO जॉन टर्नस, वीडियो में जाने 26 साल के इंजीनियर से कंपनी की कमान तक का सफर

साल 2001 में एक 26 साल का युवा इंजीनियर कुछ अलग करने के सपने के साथ Apple के दफ्तर पहुंचा था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही युवा भविष्य में दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Apple की कमान संभालेगा। उस इंजीनियर का नाम था जॉन टर्नस (John Ternus), जो अब कंपनी के नए CEO बन गए हैं। जॉन टर्नस ने Apple में अपने करियर की शुरुआत मैक कंप्यूटर की स्क्रीन डिजाइन करने वाले इंजीनियर के तौर पर की थी। वह पर्दे के पीछे रहकर कंपनी के हार्डवेयर को बेहतर बनाने में जुटे रहे। धीरे-धीरे उनकी काबिलियत और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें Apple के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल कर दिया।

iPhone, iPad और Apple Watch की इंजीनियरिंग में अहम भूमिका

पिछले 25 वर्षों में Apple ने दुनिया को कई ऐसे प्रोडक्ट दिए, जिन्होंने टेक्नोलॉजी की दिशा बदल दी। iPhone, iPad, Apple Watch और नए Mac कंप्यूटर जैसे डिवाइस दुनियाभर में लोकप्रिय हुए।इन प्रोडक्ट्स के पीछे की हार्डवेयर इंजीनियरिंग को मजबूत बनाने में जॉन टर्नस की अहम भूमिका रही। वह लंबे समय तक Apple के हार्डवेयर इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख रहे और कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे।

टिम कुक के बाद मिली Apple की कमान

Apple में पिछले 15 वर्षों से CEO पद संभाल रहे टिम कुक का कार्यकाल पूरा होने के बाद कंपनी ने नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया। अब 25 साल पुराने Apple सहयोगी और हार्डवेयर इंजीनियरिंग के प्रमुख जॉन टर्नस को कंपनी की कमान सौंपी गई है।उनके नाम की घोषणा करीब चार महीने पहले ही कर दी गई थी, लेकिन उन्होंने आधिकारिक रूप से 1 सितंबर को CEO पद संभाला।

Apple के इतिहास में 8वें CEO बने जॉन टर्नस

साल 1976 में शुरू हुई Apple कंपनी के इतिहास में जॉन टर्नस 8वें CEO बने हैं। इससे पहले कंपनी की कमान स्टीव जॉब्स और टिम कुक जैसे दिग्गज संभाल चुके हैं।टिम कुक के नेतृत्व में Apple ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं। उनके कार्यकाल में कंपनी का विस्तार हुआ और Apple दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हुई।

अब जॉन टर्नस के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां

जॉन टर्नस के सामने अब Apple को भविष्य की नई तकनीकी चुनौतियों के बीच आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट डिवाइस और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में कंपनी को नई दिशा देना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।हालांकि, हार्डवेयर इंजीनियरिंग से लेकर कंपनी के शीर्ष नेतृत्व तक का उनका लंबा अनुभव Apple के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है।

इंजीनियर से CEO बनने की प्रेरणादायक कहानी

जॉन टर्नस की कहानी बताती है कि किसी भी संगठन में लगातार मेहनत, तकनीकी समझ और नेतृत्व क्षमता के दम पर ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है। 26 साल की उम्र में एक इंजीनियर के रूप में Apple से जुड़ने वाले टर्नस अब उसी कंपनी के भविष्य का फैसला करेंगे।अब पूरी टेक इंडस्ट्री की नजर जॉन टर्नस पर है कि वह Apple को अगले दौर की तकनीकी क्रांति में किस तरह आगे लेकर जाते हैं।

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