महंगाई का एक और झटका! त्योहारों से पहले बढ़ सकते हैं दालों के दाम, जानें चना, अरहर और मूंग की नई कीमतें
देश में महंगाई का असर आम लोगों की जेब पर लगातार बढ़ता जा रहा है। चीनी, प्याज और खाद्य तेल जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब दालों के दाम भी लोगों का बजट बिगाड़ सकते हैं। त्योहारों से पहले दालों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। थोक बाजार में दालों के दाम 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जबकि खुदरा बाजार में कुछ दालें 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं।
सप्लाई में कमी से बढ़ रहे दाम
महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वाशी एपीएमसी (APMC) थोक बाजार में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान दालों की आवक में कमी दर्ज की गई है। इसकी प्रमुख वजह कम बारिश और सूखे के कारण फसलों को हुआ नुकसान बताया जा रहा है। आपूर्ति घटने से बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ गया है, जिसका असर अब आम उपभोक्ताओं पर भी दिखाई दे रहा है।
ग्रेन, राइस एंड ऑयलसीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन (GROMA) के अध्यक्ष भीमजी भानुशाली के मुताबिक, महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के कारण खाद्य वस्तुओं की आवक प्रभावित हुई है। थोक बाजार में कीमतें बढ़ने का असर खुदरा बाजार तक पहुंच रहा है।
थोक बाजार में कितनी महंगी हुईं दालें?
थोक बाजार में चना, अरहर और मूंग दाल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में आए बदलाव को नीचे दी गई तालिका से समझ सकते हैं।
| दाल का नाम | पहले कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| चना दाल | ₹72 प्रति किलो | ₹82 प्रति किलो |
| अरहर दाल | ₹90 प्रति किलो | ₹105 प्रति किलो |
| मूंग दाल | ₹95 प्रति किलो | ₹105 प्रति किलो |
खुदरा बाजार में भी बढ़े दाम
थोक बाजार के साथ-साथ खुदरा बाजार में भी दालों की कीमतें बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर आम परिवारों के रसोई बजट पर पड़ रहा है। खुदरा बाजार में दर्ज कीमतों के मुताबिक, चना दाल 110 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलो और अरहर दाल 120 रुपये से बढ़कर 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं, मूंग दाल की कीमत करीब 140 रुपये प्रति किलो बताई गई है।
| दाल का नाम | पहले कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| चना दाल | ₹110 प्रति किलो | ₹130 प्रति किलो |
| अरहर दाल | ₹120 प्रति किलो | ₹150 प्रति किलो |
| मूंग दाल | उपलब्ध नहीं | ₹140 प्रति किलो |
महाराष्ट्र में क्यों बढ़ रही हैं दालों की कीमतें?
दालों की कीमतों में तेजी के पीछे कम बारिश, सूखे की स्थिति और फसलों के उत्पादन में कमी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। महाराष्ट्र के अलावा देश के अन्य कृषि क्षेत्रों में भी उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
दालें आम लोगों के रोजाना के भोजन का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का मासिक खर्च बढ़ सकता है। त्योहारों से पहले दालों के दाम में आई यह तेजी लोगों के घरेलू बजट के लिए एक और चुनौती बन सकती है। हालांकि, आगे कीमतें किस स्तर तक पहुंचेंगी, यह फसलों की उपलब्धता, बाजार में आवक और मांग पर निर्भर करेगा।

