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अमेरिका का बड़ा कदम: स्पेशलिटी दवाओं पर हटाया टैरिफ, क्या पीयूष गोयल के US दौरे से सुलझेगा बाकी ट्रेड विवाद?

अमेरिका का बड़ा कदम: स्पेशलिटी दवाओं पर हटाया टैरिफ, क्या पीयूष गोयल के US दौरे से सुलझेगा बाकी ट्रेड विवाद?

अमेरिका ने भारत समेत 20 देशों से आने वाली कुछ खास दवाओं और उनसे जुड़े फार्मास्युटिकल उत्पादों पर प्रस्तावित 100 फीसदी टैरिफ से राहत दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने इसके लिए फेडरल रजिस्टर में आधिकारिक नियम जारी किए हैं।यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने कुछ पेटेंटेड फार्मास्युटिकल उत्पादों और उनसे जुड़े इनग्रेडिएंट्स पर 100 फीसदी टैरिफ लागू करने की व्यवस्था की है। यह व्यवस्था 29 सितंबर 2026 से प्रभावी हो रही है। हालांकि, सभी दवाएं इसके दायरे में नहीं हैं।

किन दवाओं को मिलेगी जीरो टैरिफ की सुविधा?

अमेरिकी नियमों के मुताबिक कुछ विशेष श्रेणी की दवाओं और उनके संबंधित ingredients पर जीरो एड वैलोरम टैरिफ का प्रावधान किया गया है।

इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं—

  • रेयर डिजीज की ऑर्फन ड्रग्स
  • न्यूक्लियर मेडिसिन
  • प्लाज्मा-डिराइव्ड थेरेपी
  • फर्टिलिटी ड्रग्स
  • सेल थेरेपी
  • जीन थेरेपी
  • एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स यानी ADC
  • कुछ मेडिकल काउंटरमेजर्स
  • कुछ पशु स्वास्थ्य से जुड़ी फार्मास्युटिकल दवाएं

इन कैटेगरी में आने वाले पात्र उत्पादों को अमेरिकी नियमों के तहत जीरो टैरिफ का लाभ मिल सकता है।

20 देशों में भारत भी शामिल

इस टैरिफ राहत के लिए भारत के अलावा बांग्लादेश, जापान, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, दक्षिण कोरिया, ताइवान, वियतनाम समेत कुल 20 क्षेत्राधिकारों को सूची में शामिल किया गया है।लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है—यह पूरे भारतीय फार्मा सेक्टर से अमेरिकी टैरिफ हटने का फैसला नहीं है। राहत केवल तय की गई दवाओं और उत्पादों की श्रेणियों पर लागू है।

जेनेरिक दवाओं पर क्या होगा?

भारत के लिए यह हिस्सा भी अहम है। अमेरिकी नियमों में फिलहाल जेनेरिक फार्मास्युटिकल उत्पादों और उनसे जुड़े ingredients को Section 232 फार्मा टैरिफ से बाहर रखा गया है।यानी अमेरिकी बाजार में भारतीय जेनेरिक दवा निर्यात पर इस खास Section 232 टैरिफ का फिलहाल असर नहीं पड़ेगा।

इसी बीच अमेरिका पहुंचे पीयूष गोयल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका के दौरे पर हैं। उनका दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित बाइलेट्रल ट्रेड एग्रीमेंट यानी BTA पर बातचीत जारी है।गोयल 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को मिलवॉकी में होने वाली G20 ट्रेड मिनिस्टर्स मीटिंग में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा अमेरिकी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत होनी है।

क्या बाकी भारतीय सामान पर भी टैरिफ कम होगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फार्मा सेक्टर की तरह दूसरे भारतीय उत्पादों को भी अमेरिका से टैरिफ राहत मिल सकती है।आगे की बातचीत में टेक्सटाइल और गारमेंट्स, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा और फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल्स और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर अहम रह सकते हैं।जानकारों के मुताबिक, मौजूदा फार्मा छूट को पूरे भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ में व्यापक बदलाव के तौर पर देखना सही नहीं होगा। यह फिलहाल उत्पाद-विशिष्ट राहत है। आगे दूसरे सेक्टरों को लेकर क्या फैसला होता है, यह भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर निर्भर करेगा।फिलहाल भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए खास दवाओं पर मिली यह राहत अमेरिकी बाजार में अतिरिक्त शुल्क के दबाव को कम करने वाली महत्वपूर्ण खबर है।

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