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महाराष्ट्र में अडानी एनर्जी को ₹4,700 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट, 4,500 MW रिन्यूएबल पावर ग्रिड से मजबूत होगा बिजली नेटवर्क
 

महाराष्ट्र में अडानी एनर्जी को ₹4,700 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट, 4,500 MW रिन्यूएबल पावर ग्रिड से मजबूत होगा बिजली नेटवर्क


दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) को महाराष्ट्र में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन से जुड़ा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी करीब ₹4,700 करोड़ की लागत से 4,500 MW क्षमता वाले रिन्यूएबल और स्टोरेज पावर के ट्रांसमिशन के लिए जरूरी ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी।

4,500 MW बिजली के ट्रांसमिशन के लिए बनेगा नया नेटवर्क

इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र में सोलर, विंड और स्टोरेज प्रोजेक्ट्स से मिलने वाली बिजली को राज्य के प्रमुख डिमांड सेंटर तक पहुंचाना है। इससे रिन्यूएबल एनर्जी की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ बिजली ग्रिड को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।AESL इस प्रोजेक्ट को सतारा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड नाम की विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) के जरिए विकसित करेगी।

3 साल में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट

कंपनी को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 36 महीने यानी तीन साल का समय दिया गया है। इसके तहत महाराष्ट्र के सतारा जिले में नया हाई-वोल्टेज सब-स्टेशन तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा:

कोल्हापुर और सतारा के बीच नई ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी।
कोल्हापुर के मौजूदा पूलिंग स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा।
करीब 562 सर्किट किलोमीटर की नई ट्रांसमिशन लाइनें जोड़ी जाएंगी।
प्रोजेक्ट में करीब 9,000 MVA की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता विकसित की जाएगी।
सतारा, पुणे और मुंबई को मिलेगा फायदा

नया ट्रांसमिशन नेटवर्क पश्चिमी महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा के आसपास बनने वाली रिन्यूएबल बिजली को महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक और ज्यादा बिजली मांग वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद करेगा।इससे खास तौर पर सतारा, पुणे और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में बढ़ रहे पंप्ड-स्टोरेज और रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

कर्नाटक की ग्रीन एनर्जी भी पहुंचेगी महाराष्ट्र

प्रोजेक्ट का एक अहम उद्देश्य कर्नाटक में पैदा होने वाली रिन्यूएबल एनर्जी को महाराष्ट्र तक पहुंचाना भी है। मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क के जरिए अतिरिक्त बिजली को उन इलाकों तक पहुंचाया जा सकेगा जहां इसकी मांग अधिक है।इससे दक्षिणी और पश्चिमी भारत के बीच बिजली कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन में अहम भूमिका

AESL के CEO कंदर्प पटेल के मुताबिक, बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड में शामिल करने के लिए पंप्ड-स्टोरेज और मजबूत ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है। सतारा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में रिन्यूएबल बिजली की निकासी और स्टोरेज को सपोर्ट करने वाला महत्वपूर्ण नेटवर्क तैयार करेगा।

कंपनी के मुताबिक, इस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने और भारत के लंबे समय के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में भी मदद करेगा।

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