मार्च से महंगाई का नया झटका, वीडियो में देखें कॉमर्शियल सिलेंडर और हवाई यात्रा महंगी, आपकी जेब पर पड़ेगा असर
मार्च 2026 की शुरुआत महंगाई और आर्थिक बदलाव के साथ हो गई है। 1 मार्च से कई बिजनेस और रोजमर्रा के खर्चों को प्रभावित करने वाले बड़े बदलाव लागू हो चुके हैं। इनमें सबसे अहम है कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में इजाफा और एटीएफ (एयर टरबाइन फ्यूल) के दामों में वृद्धि, जिसका असर हवाई यात्रा पर भी दिख सकता है।
कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
भारत में 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम आज से बढ़ा दिए गए हैं। तेल विपणन कंपनियों ने इसकी कीमतों में ₹28 से ₹31 तक की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में यह सिलेंडर अब लगभग ₹1,768.50 में मिल रहा है। वहीं कोलकाता, मुंबई, चेन्नई जैसे शहरों में भी कीमतें बढ़ चुकी हैं।
यह सिलेंडर आमतौर पर होटल, ढाबा, रसोईघरों, हलवाई और छोटी-बीच व्यवसायों में इस्तेमाल होता है। सिलेंडर की कीमत में यह वृद्धि लगातार तीसरे महीने हुई है — जनवरी और फरवरी में भी इसके दाम बढ़ाए गए थे।
हालाँकि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह स्थिर बने हुए हैं। (उदाहरण के तौर पर दिल्ली में यह लगभग ₹853 पर है)।
हवाई ईंधन (एटीएफ) के दामों में इजाफा — यात्रा महंगी?
सिर्फ गैस सिलेंडर ही नहीं, 1 मार्च से एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) यानि हवाई जहाज़ों का ईंधन भी महंगा हो गया है। इसकी कीमतों में बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस की लागत में वृद्धि होगी। इससे टिकटों की कीमत बढ़ने की सम्भावना बन सकती है, खासकर छोटी और घरेलू उड़ानों में।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब विमान ईंधन महंगा होता है तो एयरलाइंस को खर्चा कम करने के लिए टिकटों की कीमत बढ़ानी पड़ती है या सेवाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। (पहले भी इनकार से जुड़े ईंधन महँगे होने पर टिकट महंगे होने का ब्यौरा दिया गया है)।
दैनिक जीवन पर असर
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से रेस्टोरेंट, ढाबों, कन्फेक्शनरी और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ेगी। यह खर्च ग्राहकों पर भी असर डाल सकता है, जिससे बाहर खाने, मिठाई और स्नैक्स के दाम बढ़ सकते हैं। सिलेंडर में बढ़ोतरी का सीधा असर होली जैसे त्योहारों के समय महंगाई पर भी पड़ेगा।
इसके अलावा हवाई यात्रा महंगी होने से यात्रियों को बजट चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। खासकर जब छुट्टियों और त्योहारों के सीज़न में भी टिकट की मांग बढ़ी रहती है, तो नई कीमतें यात्रियों की जेब को प्रभावित कर सकती हैं।
अन्य बदलाव
मार्च के शुरू होते ही सिर्फ गैस और उड़ान के खर्च ही नहीं बढ़े हैं — रेलवे टिकट बुकिंग नियम, UPI और सिम कार्ड बाइंडिंग नियम में भी बदलाव हुए हैं, जो रोजमर्रा के खर्चों और डिजिटल लेन-देन पर असर डाल सकते हैं।

