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Oil Price Hike: भारत से भी ज्‍यादा महंगाई है इन यूरोपियन देशों में, 40% तक बढ़ गए तेल-गैस के दाम

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बिज़नेस न्यूज डेस्क - महंगाई से भारत ही नहीं यूरोप के लोग भी परेशान हैं। यूरोप में महंगाई इस कदर बढ़ रही है कि एक महीने में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों, तंबाकू और शराब की कीमतों में भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यूरोप में कई देश ऐसे हैं जहां महंगाई दर भारत से ज्यादा है। वर्तमान में भारत में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 7.01 प्रतिशत है। वहीं, यूरोप में महंगाई ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यूरोप में महंगाई दर 8.09 फीसदी पर पहुंच गई है। यूरोपीय देश तेल और गैस के लिए काफी हद तक रूस और यूक्रेन पर निर्भर हैं। युद्ध के बाद आपूर्ति कम हो गई। इन यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि अप्रैल-जून तिमाही में इनकी अर्थव्यवस्था में केवल 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लेकिन इन देशों में राहत की खबर यह है कि कोरोना लॉकडाउन के बाद वहां बेरोजगारी कम हुई है। कई अर्थशास्त्रियों का मानना ​​है कि यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था मंदी में नहीं जाएगी।

एक महीने में तेल और गैस की कीमतों में 39.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यूरोपीय देश रूस से अधिक मात्रा में तेल और गैस खरीद रहे हैं। युद्ध की शुरुआत के बाद से, यूरोपीय देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। सर्दी का मौसम आ रहा है। सर्दी का हल्का मौसम यूरोप में तेल और गैस की मांग को बढ़ा देता है। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो यूरोप के लोगों को तेल और गैस की किल्लत होने वाली है। इन देशों की सरकारें पहले ही लोगों से गैस की खपत को 15 फीसदी कम करने को कह चुकी हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि यह यूरोपीय देश रूस और मौसम पर निर्भर है। 05 अगस्त को आरबीआई गवर्नर ने घोषणा की कि रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। कारण बताया जा रहा है कि इससे देश में महंगाई कम होगी। कुछ इसी तरह के उपाय यूरोपीय देशों ने भी किए हैं। दशकों बाद यूरोप में ब्याज दरों को इतना बढ़ा दिया गया है। कुछ अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। ये सभी देश यूरो मुद्रा का उपयोग करते हैं। इसलिए इन्हें यूरोजोन देश भी कहा जाता है। ये 19 देश हैं - बेल्जियम, जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन, फ्रांस, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, फिनलैंड, ग्रीस, स्लोवेनिया, साइप्रस, माल्टा, स्लोवाकिया, एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया।

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