Vehicle Safety News: 5-स्टार रेटिंग वाली कार भी हर दुर्घटना से नहीं बचा सकती, नयी रिपोर्ट से सोच में पड़े ग्राहक
आजकल, नई कार खरीदते समय लोग किसी भी चीज़ से ज़्यादा उसकी सेफ्टी रेटिंग को अहमियत देते हैं। आम तौर पर 5-स्टार NCAP रेटिंग को बेहतरीन सुरक्षा का पैमाना माना जाता है। लेकिन, क्या 5-स्टार रेटिंग वाली कार हर तरह के एक्सीडेंट में पूरी सुरक्षा की गारंटी दे सकती है? हाल ही में आई Euro NCAP की एक रिपोर्ट ने इस पर अहम सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट बताती है कि कुछ खास तरह के सड़क हादसों में, 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग, एयरबैग और ADAS जैसे आधुनिक सेफ्टी फीचर्स भी यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित रखने में नाकाम रहते हैं।
रिपोर्ट में 'रियर अंडररन क्रैश' (पीछे से टकराकर नीचे घुसने वाले हादसे) को चिंता का मुख्य विषय बताया गया है। ऐसा तब होता है जब कोई कार किसी ट्रक या ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकराती है और उसके नीचे घुस जाती है। ऐसे हादसों में कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे चला जाता है, जिससे गाड़ी का मज़बूत सेफ्टी स्ट्रक्चर बेकार हो जाता है। Euro NCAP का अनुमान है कि अकेले यूरोप में हर साल ऐसे हादसों में लगभग 400 लोगों की जान जाती है। यह रिसर्च UK के सड़क हादसों के डेटा पर आधारित थी।
**पुराने ADAS सिस्टम नाकाम**
कई आधुनिक कारों में ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) लगा होता है, जिसे टक्कर होने से पहले ब्रेक लगाने या ड्राइवर को चेतावनी देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालांकि, टेस्टिंग में पाया गया है कि कई पुराने ADAS सिस्टम सड़क पर खड़े ट्रकों या ट्रेलरों का समय रहते पता नहीं लगा पाते, जिससे टक्कर को रोकने में वे नाकाम रहते हैं। Euro NCAP का कहना है कि सभी गाड़ियों में आधुनिक ADAS सिस्टम के स्टैंडर्ड बनने में अभी कई साल लग सकते हैं।
Euro NCAP ने 5-स्टार रेटिंग वाली इलेक्ट्रिक कार पर एक खास क्रैश टेस्ट भी किया। गाड़ी को 56 km/h की रफ़्तार से एक ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकराया गया। नतीजे चौंकाने वाले थे; ट्रेलर का पिछला हिस्सा कार के 'क्रंपल ज़ोन' (टक्कर के असर को सोखने वाला हिस्सा) को पार करके सीधे पैसेंजर केबिन में घुस गया। इससे पता चलता है कि ऐसी स्थितियों में सिर और गर्दन पर गंभीर और जानलेवा चोटें लग सकती हैं। दूसरे टेस्ट में भी गाड़ी के अंदरूनी हिस्से में भारी नुकसान देखा गया, जिससे आगे की सीट पर बैठे यात्रियों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे हादसों में सिर्फ़ कार की बनावट की मज़बूती ही काफी नहीं है; ट्रक के पिछले हिस्से में लगा 'अंडररन प्रोटेक्शन बैरियर' भी उतना ही ज़रूरी है। अगर यह बैरियर मज़बूत और अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया हो, तो यह कार को ट्रक के नीचे घुसने से रोक सकता है। हालांकि, अगर यह कमज़ोर है या ठीक से काम नहीं करता है, तो 5-स्टार रेटिंग वाली कार भी अपने यात्रियों की पूरी सुरक्षा पक्की नहीं कर सकती।
रिपोर्ट में टाटा सिएरा EV के साथ हाल ही में किए गए एक सुरक्षा डेमो का भी ज़िक्र किया गया है। उस डेमो में दिखाया गया कि कार के ADAS ने सामने खड़े ट्रक को पहचाना और अपने-आप ब्रेक लगा दिए। इसके बाद, पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर से SUV सामने वाले ट्रक से जा टकराई। कंपनी के मुताबिक, भले ही कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे चला गया, लेकिन पैसेंजर केबिन सुरक्षित रहा। हालांकि, यूरो NCAP का कहना है कि सभी 'अंडर-रन' हादसे एक जैसे नहीं होते; कई मामलों में, ट्रेलर का पिछला हिस्सा कार के सुरक्षा ढांचे को तोड़कर सीधे केबिन में घुस सकता है, जिससे गंभीर या जानलेवा चोटें लग सकती हैं।

