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Highway Driving Rules: हाईवे पर धीमी रफ्तार में ड्राइविंग भी पड़ सकती है भारी, जानें क्या हैं नियम
 

Highway Driving Rules: हाईवे पर धीमी रफ्तार में ड्राइविंग भी पड़ सकती है भारी, जानें क्या हैं नियम

देश में हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में लोग लंबी दूरी के सफर के लिए इन सड़कों का इस्तेमाल करते हैं. इन सड़कों पर वाहन चलाते समय ज्यादातर लोग ओवरस्पीडिंग के चालान को लेकर सतर्क रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ परिस्थितियों में जरूरत से ज्यादा धीमी रफ्तार में गाड़ी चलाना भी परेशानी का कारण बन सकता है?
हाईवे पर ड्राइविंग के दौरान वाहन की गति सड़क, लेन और वहां लागू नियमों के मुताबिक होनी चाहिए. खासतौर पर एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करना जरूरी है. बिना वजह बहुत धीमी गति से चलने वाला वाहन दूसरे चालकों के लिए खतरा पैदा कर सकता है और ट्रैफिक के सामान्य प्रवाह में भी बाधा डाल सकता है.
हर हाईवे पर न्यूनतम स्पीड एक जैसी नहीं होती
यह समझना जरूरी है कि देश के हर हाईवे या एक्सप्रेसवे पर एक समान न्यूनतम गति सीमा लागू नहीं होती. अलग-अलग सड़कों पर स्थानीय यातायात नियम, वाहन श्रेणी और सड़क की परिस्थितियों के आधार पर नियम अलग हो सकते हैं.
इसलिए वाहन चालक को सड़क पर लगे साइन बोर्ड और संबंधित अथॉरिटी की ओर से निर्धारित गति सीमा को जरूर देखना चाहिए. अगर किसी सड़क पर न्यूनतम गति सीमा निर्धारित है तो बिना उचित कारण उससे काफी कम गति पर वाहन चलाना नियमों के दायरे में आ सकता है.


धीमी रफ्तार से पीछे चल रहे वाहनों को हो सकती है परेशानी
हाईवे पर आम सड़कों की तुलना में वाहनों की गति ज्यादा होती है. ऐसे में अगर कोई वाहन अचानक बहुत धीमी गति से चल रहा हो तो पीछे से आने वाले वाहन को अपनी गति कम करने के लिए कम समय मिल सकता है.
खासकर रात, बारिश, धुंध या कम दृश्यता की स्थिति में यह जोखिम बढ़ सकता है. इसलिए हाईवे पर अपनी गाड़ी की गति ऐसी रखें जिससे वाहन पर पूरा नियंत्रण बना रहे और आसपास के ट्रैफिक के साथ सुरक्षित तरीके से चला जा सके.
गलत लेन में धीमी ड्राइविंग से बढ़ सकता है जोखिम
हाईवे पर लेन का इस्तेमाल भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है. चालक को अपनी गाड़ी सड़क पर निर्धारित लेन में चलानी चाहिए और ओवरटेक करने के बाद उचित समय पर संबंधित लेन में वापस आना चाहिए.
अगर कोई वाहन तेज गति वाले ट्रैफिक की लेन में अनावश्यक रूप से धीमी गति से चलता रहता है तो पीछे आने वाले वाहनों को ओवरटेक करने में परेशानी हो सकती है. इससे अचानक लेन बदलने या गलत तरीके से ओवरटेक करने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है.


गाड़ी खराब हो जाए तो क्या करें?
अगर हाईवे पर वाहन में तकनीकी खराबी आ जाती है और उसकी गति कम हो जाती है तो चालक को घबराने के बजाय वाहन को सुरक्षित स्थान तक ले जाने की कोशिश करनी चाहिए. संभव हो तो वाहन को सड़क के मुख्य हिस्से से हटाकर निर्धारित पार्किंग या सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें.
गाड़ी को सड़क पर रोकना मजबूरी हो तो पार्किंग लाइट या हैजर्ड लाइट चालू करें और उपलब्ध सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करें, ताकि पीछे से आने वाले वाहनों को पहले ही इसकी जानकारी मिल सके.
चालान से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
हाईवे पर ड्राइविंग करते समय सिर्फ अधिकतम स्पीड का ध्यान रखना पर्याप्त नहीं है. सड़क पर लागू गति सीमा, लेन अनुशासन और अन्य ट्रैफिक नियमों का पालन करना भी जरूरी है. बिना वजह बहुत धीमी गति से वाहन चलाने के बजाय ट्रैफिक की परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षित गति बनाए रखें.
साथ ही, किसी भी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर चालान की राशि और लागू प्रावधान सड़क तथा स्थानीय नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं. इसलिए केवल सामान्य जानकारी के आधार पर जुर्माने की निश्चित राशि मानने के बजाय संबंधित सड़क पर लागू आधिकारिक नियमों को देखना बेहतर है.

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