अपनी पसंद का कार-बाइक नंबर पाना हुआ बेहद आसान: ₹3,000 से शुरू हो रही बोली, जानें परिवहन विभाग का नया प्रोसेस
अगर आपने नई कार या बाइक खरीदी है और उसके लिए कोई खास या VIP नंबर लेने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानकारी काफी काम की है। कई लोग अपनी गाड़ी के लिए 0001, 0007, 1111, 5555 या 9999 जैसे नंबर पसंद करते हैं और इसके लिए हजारों से लेकर लाखों रुपये तक खर्च करने को भी तैयार रहते हैं।
लेकिन अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि पसंदीदा नंबर के लिए आवेदन कैसे किया जाए। अब फैंसी और चॉइस नंबरों की बुकिंग के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध है। Parivahan के Fancy Number सिस्टम पर लोग उपलब्ध नंबर देख सकते हैं, अपनी पसंद का नंबर चुन सकते हैं और जहां लागू हो वहां ऑनलाइन ई-ऑक्शन में हिस्सा ले सकते हैं।
घर बैठे कैसे चेक करें VIP नंबर?
इसके लिए सबसे पहले सरकार के Parivahan पोर्टल पर जाना होता है। Fancy Number सेक्शन में जाकर आपको अपने राज्य और RTO के हिसाब से उपलब्ध नंबरों की जानकारी मिल सकती है। पोर्टल पर उपलब्ध फैंसी/चॉइस नंबरों को सर्च करने और आगामी ई-ऑक्शन की जानकारी देखने की सुविधा भी दी गई है।इसके बाद अपनी पसंद का नंबर चुनकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रजिस्ट्रेशन और भुगतान करना होता है। अगर उस नंबर के लिए सिर्फ एक आवेदक है तो राज्य के नियमों के अनुसार नंबर आवंटित किया जा सकता है। वहीं अगर एक ही नंबर के लिए कई लोग आवेदन करते हैं, तो उस नंबर के लिए ऑनलाइन बोली यानी ई-ऑक्शन हो सकता है।
VIP नंबरों की कीमत कितनी होती है?
फैंसी नंबर की कीमत हर राज्य और नंबर की कैटेगरी के अनुसार अलग हो सकती है। आमतौर पर ज्यादा डिमांड वाले नंबरों की बेस प्राइस ज्यादा रखी जाती है।आपके दिए गए विवरण के मुताबिक कुछ लोकप्रिय नंबरों की बेस प्राइस 1 लाख रुपये तक बताई गई है, जबकि दूसरी कैटेगरी में 50 हजार, 25 हजार और 15 हजार रुपये की शुरुआती कीमत बताई गई है। दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग बेस प्राइस निर्धारित हो सकती है।ध्यान रखें कि ये बेस प्राइस होती है। अगर किसी नंबर के लिए कई लोग बोली लगाते हैं, तो अंतिम कीमत इससे काफी ज्यादा जा सकती है। सरकारी Parivahan सिस्टम में भी राज्य/RTO के अनुसार ई-ऑक्शन और न्यूनतम रिजर्व प्राइस की व्यवस्था दिखाई गई है।
ऑनलाइन बोली कैसे होती है?
अगर किसी VIP नंबर को लेने के लिए एक से ज्यादा लोग आवेदन करते हैं, तो उस नंबर के लिए ऑनलाइन बोली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। आवेदक को निर्धारित शुरुआती राशि या फीस जमा करके बोली में हिस्सा लेना होता है।इसके बाद निर्धारित समय तक बोली चलती है और सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले आवेदक को नंबर आवंटित किया जाता है। Parivahan के सिस्टम में ई-ऑक्शन साइकिल, बोली की स्थिति और अंतिम परिणाम ऑनलाइन देखने की सुविधा भी उपलब्ध है।जो लोग बोली में सफल नहीं होते हैं, उनके भुगतान/रिफंड की प्रक्रिया संबंधित राज्य के नियमों के अनुसार की जाती है।
नंबर बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
VIP नंबर बुक करते समय आवेदन में दी गई जानकारी को ध्यान से भरना बेहद जरूरी है। वाहन मालिक का नाम, पता और दूसरे दस्तावेज सही होने चाहिए। किसी भी तरह की जानकारी में गलती होने पर आवेदन प्रभावित हो सकता है।साथ ही यह भी ध्यान रखें कि VIP नंबर की बुकिंग के नियम, फीस, समय-सीमा और ऑक्शन की प्रक्रिया राज्य और संबंधित RTO के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए नंबर बुक करने से पहले अपने राज्य/RTO के लिए Parivahan पोर्टल पर दिखाई जा रही मौजूदा शर्तों को जरूर चेक करें।यानी अब पसंदीदा नंबर लेने के लिए जरूरी नहीं कि आप RTO कार्यालय में लंबी लाइन लगाएं। सबसे पहले ऑनलाइन उपलब्ध नंबर देखें, अपनी पसंद का नंबर चुनें और अगर उस नंबर के लिए ई-ऑक्शन लागू है तो ऑनलाइन बोली में हिस्सा लें।

