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Flex Fuel Bike: एक ही बाइक चलेगी पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर, जानिए क्या है फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक की खासियत

Flex Fuel Bike: एक ही बाइक चलेगी पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर, जानिए क्या है फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक की खासियत

देश में बढ़ते ईंधन खर्च और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक माना जा रहा है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वाहन एक से अधिक प्रकार के ईंधन पर चल सकता है। यही वजह है कि ऑटोमोबाइल कंपनियां अब फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहनों पर तेजी से काम कर रही हैं।

क्या है फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक?

फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक ऐसे इंजन पर आधारित होती है जो पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग मिश्रणों पर काम कर सकता है। यानी वाहन में यह क्षमता होती है कि वह ईंधन में मौजूद एथेनॉल की मात्रा के अनुसार खुद को एडजस्ट कर ले।

उदाहरण के तौर पर, ऐसी बाइक E20 (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल) से लेकर E85 या उससे अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर भी चल सकती है।

एक से ज्यादा फ्यूल पर चलने की क्षमता

फ्लेक्स-फ्यूल बाइक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चालक को किसी एक विशेष ईंधन पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वाहन पेट्रोल, एथेनॉल या दोनों के मिश्रण के साथ आसानी से चल सकता है। इंजन में लगे सेंसर ईंधन की संरचना को पहचानकर उसके अनुसार प्रदर्शन को नियंत्रित करते हैं।

पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प

एथेनॉल एक जैव-ईंधन (Biofuel) है, जिसे गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है, जिससे प्रदूषण घटाने में मदद मिलती है।

किसानों को भी हो सकता है फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल की मांग बढ़ने से कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिल सकता है। इससे किसानों की फसलों के लिए अतिरिक्त बाजार उपलब्ध होगा और देश की पेट्रोल आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

ईंधन खर्च में मिल सकती है राहत

यदि एथेनॉल की कीमत पेट्रोल की तुलना में कम रहती है, तो फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के उपयोग से वाहन चालकों को ईंधन खर्च में भी राहत मिल सकती है। हालांकि वास्तविक बचत ईंधन की उपलब्धता और स्थानीय कीमतों पर निर्भर करेगी।

भविष्य की तकनीक मानी जा रही फ्लेक्स-फ्यूल

भारत सरकार भी एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। ऐसे में आने वाले वर्षों में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस बाइक और अन्य वाहन भारतीय बाजार में अधिक देखने को मिल सकते हैं।

फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक न केवल ईंधन के विकल्प बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय और ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता भी रखती है।

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