FASTag Update: टोल प्लाजा पर बार-बार पैसे देने की झंझट खत्म, 121 जगहों पर डिजिटल लोकल पास, ऐसे करें अप्लाई
टोल प्लाज़ा से अक्सर गुज़रने वाले स्थानीय लोगों के लिए अच्छी खबर है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने 'डिजिटल लोकल पास' सुविधा का दायरा बढ़ाकर 121 टोल प्लाज़ा तक कर दिया है। इन प्लाज़ा के आस-पास रहने वाले लोग अब घर बैठे ही मंथली पास ले सकते हैं। इस मंथली पास की एक खास बात यह है कि इससे पूरे महीने तय टोल प्लाज़ा से अनलिमिटेड यात्रा की जा सकती है।
NHAI के अनुसार, टोल प्लाज़ा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग 'डिजिटल लोकल पास' के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ध्यान दें कि यह सुविधा सिर्फ़ नॉन-कमर्शियल गाड़ियों – यानी प्राइवेट गाड़ी मालिकों – के लिए है। पहले, अप्लाई करने वालों को पता और गाड़ी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लिए टोल प्लाज़ा जाना पड़ता था। लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया 'राजमार्गयात्रा' मोबाइल ऐप के ज़रिए कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकती है, जिससे काफी आसानी होती है। यूज़र्स को इस पास के लिए ₹340 की फीस देनी होगी।
**डिजीलॉकर और वाहन (Vahan) के ज़रिए वेरिफिकेशन**
'डिजिटल लोकल पास' की प्रक्रिया डिजीलॉकर और वाहन (Vahan) सिस्टम से जुड़ी हुई है। यह सिस्टम गाड़ी मालिक के पते, गाड़ी की जानकारी और उससे जुड़े FASTag की जानकारी को क्रॉस-चेक करके यह वेरिफाई करता है कि अप्लाई करने वाला व्यक्ति टोल प्लाज़ा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहता है या नहीं। पात्रता कन्फर्म होने के बाद, पास डिजिटल रूप से जारी कर दिया जाता है, जिससे फिजिकल डॉक्यूमेंट्स जमा करने या फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए टोल प्लाज़ा जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। हालांकि, जो लोग इन 121 टोल प्लाज़ा के 20 किलोमीटर के दायरे से बाहर रहते हैं, उन्हें मंथली पास लेने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित टोल प्लाज़ा पर जाना होगा।
'डिजिटल लोकल पास' का मुख्य फायदा यह है कि इससे लोकल टोल प्लाज़ा पर बार-बार पेमेंट करने की ज़रूरत खत्म हो जाती है। इसके अलावा, 'डिजिटल इंडिया' पहल के तहत पूरे देश में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत, टोल बूथ पर कोई बैरियर नहीं होता और टोल चुकाने के लिए गाड़ियों को रुकने की ज़रूरत नहीं पड़ती। यह पास क्यों ज़रूरी है?
पहले, स्थानीय लोग अक्सर टोल प्लाज़ा के कर्मचारियों की पहचान और आपसी समझ के आधार पर बिना किसी खास पास के गुज़र जाते थे। लेकिन MLFF सिस्टम के तहत, टोल बूथ पर कोई अटेंडेंट नहीं होता और FASTag के ज़रिए गाड़ी की पहचान अपने आप हो जाती है। सड़क पर लगे हाई-परफॉर्मेंस RFID रीडर FASTag को स्कैन करते हैं, जबकि ANPR कैमरे गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर रिकॉर्ड करते हैं। इसके बाद टोल की रकम अपने आप कट जाती है। अगर टोल का पेमेंट नहीं हो पाता है, तो सिस्टम गाड़ी के मालिक को अपने आप ई-नोटिस भेज देता है।
नतीजतन, बिना वैलिड लोकल पास के गुज़रने वाली लोकल गाड़ियों के लिए ई-नोटिस जारी होने लगे। सरकार ने देखा कि टोल न चुकाने पर 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोकल लोगों को बड़ी संख्या में ई-नोटिस भेजे जा रहे थे। इसलिए, यह लोकल पास सिस्टम शुरू किया गया।
नियमों के तहत, अब लोकल गाड़ी मालिकों को डिजिटल मंथली पास लेना ज़रूरी है। अगर कोई गाड़ी लोकल पास के लिए योग्य इलाके में आती है, लेकिन उसके पास वैलिड पास नहीं है और वह टोल नहीं चुकाती है, तो मालिक को ई-नोटिस के ज़रिए स्टैंडर्ड टोल रकम से दोगुनी रकम चुकानी पड़ सकती है।
शामिल टोल प्लाज़ा
NHAI ने डिजिटल लोकल पास लिस्ट में कुल 121 टोल प्लाज़ा जोड़े हैं। यह सुविधा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, असम, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई राज्यों में शुरू की गई है। पूरी लिस्ट ऑफिशियल 'राजमार्गयात्रा' वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है। यूज़र अपनी लोकेशन के आधार पर सीधे वेबसाइट या ऐप के ज़रिए जानकारी देख सकते हैं। NHAI ने सबसे पहले जुलाई 2026 में दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाज़ा पर डिजिटल लोकल पास सुविधा शुरू की थी।
कैसे अप्लाई करें
सबसे पहले, 'राजमार्गयात्रा' मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
'मंथली लोकल पास' सेक्शन पर जाएं और 'एक्टिवेट' टैब पर क्लिक करें।
अगले पेज पर, 'गेट स्टार्टेड' टैब पर क्लिक करें।
इसके बाद आपको कुछ सवालों के जवाब 'हां' या 'नहीं' में देने होंगे। यहां आपको बताना होगा कि क्या आपकी लोकेशन से 20 km के दायरे में कोई टोल प्लाज़ा है, क्या आप गाड़ी के मालिक हैं, और क्या आपकी गाड़ी प्राइवेट है।
अगले पेज पर, आपको सर्च बॉक्स में अपने लोकल टोल प्लाज़ा का नाम डालना होगा।
इसके बाद, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा।
अगले पेज पर, आप पेमेंट गेटवे के ज़रिए पेमेंट करके अपना लोकल पास एक्टिवेट कर सकते हैं।

