दिल्ली में पुराने वाहनों पर बड़ा प्रतिबंध, क्या पूरी तरह बैन होंगी गाड़ियां? जानें सरकार की नई योजना
दिल्ली-NCR में लगातार खराब होती हवा की क्वालिटी को देखते हुए, सरकार अब पुरानी गाड़ियों पर सख्ती करने की तैयारी कर रही है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए एक डिटेल्ड रोडमैप बनाने पर काम शुरू कर दिया है। इस रोडमैप में BS-I, BS-II और BS-III कैटेगरी की पुरानी गाड़ियों पर पूरी तरह से बैन लगाने का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। इसके अलावा, अगले पांच सालों में BS-IV गाड़ियों को सड़कों से हटाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इसका मकसद राजधानी की हवा को साफ करना और लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना है।
पुरानी गाड़ियां कब और कैसे हटाई जाएंगी?
TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, IIT मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुंझुनवाला की अध्यक्षता वाली एक कमेटी ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट रोडमैप तैयार किया है, जिसे फीडबैक के लिए शेयर किया गया है। यह प्रस्ताव BS-I, BS-II और BS-III गाड़ियों को तुरंत हटाने, अगले पांच सालों में BS-IV गाड़ियों को धीरे-धीरे हटाने और 2035 से 2040 के बीच BS-VI गाड़ियों को भी धीरे-धीरे हटाने की सिफारिश करता है। कमेटी का कहना है कि जब दिल्ली का AQI 250 से ऊपर चला जाता है, तो एक नवजात बच्चा रोज़ाना 10 से 15 सिगरेट के बराबर प्रदूषण सांस लेता है, जो बेहद चिंताजनक है।
कमर्शियल गाड़ियों के लिए सख्त कदम क्यों?
यह प्रस्ताव खासकर कमर्शियल गाड़ियों पर फोकस करता है, क्योंकि वे प्रदूषण में काफी योगदान देती हैं। कमेटी का मानना है कि नई पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की खरीद को धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए, और इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन गाड़ियों जैसी ज़ीरो टेलपाइप एमिशन (ZTE) गाड़ियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। प्रस्ताव के अनुसार, अप्रैल 2027 के बाद रजिस्टर्ड सभी नई कमर्शियल टू-व्हीलर और टैक्सियाँ केवल ZTE कैटेगरी की होनी चाहिए।
आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार यह भी समझती है कि हाल के सालों में खरीदी गई BS-VI गाड़ियों पर अचानक बैन लगाने से लोगों को परेशानी होगी। इसलिए, BS-VI टू-व्हीलर और कारों के लिए 10 से 15 साल के ट्रांजिशन पीरियड पर विचार किया जा रहा है। सुझावों में ज्यादा प्रदूषण के समय BS-IV गाड़ियों के इस्तेमाल को सीमित करना भी शामिल है। कुल मिलाकर, सरकार का फोकस प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ जनता पर बोझ को कम करना है।

