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AI Racing: इमोला ट्रैक पर बिना ड्राइवर दौड़ीं 5 रेसिंग कारें, 252 KM/H की रफ्तार ने उड़ाए होश
 

AI Racing: इमोला ट्रैक पर बिना ड्राइवर दौड़ीं 5 रेसिंग कारें, 252 KM/H की रफ्तार ने उड़ाए होश

तकनीक जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उसमें ड्राइवरलेस कारें अब सिर्फ प्रयोग तक सीमित नहीं रह गई हैं। इसी दिशा में एक और बड़ा कदम देखने को मिला, जब इटली के मशहूर इमोला रेसिंग सर्किट पर पांच हाई-स्पीड रेसिंग कारों ने बिना किसी इंसानी ड्राइवर के एक साथ रेस में हिस्सा लिया। अबु धाबी ऑटोनॉमस रेसिंग लीग की इस प्रतियोगिता ने ऑटोमोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में नई चर्चा छेड़ दी है।
इन AI संचालित कारों ने रेस के दौरान 250 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार पकड़ी। खास बात यह रही कि कारों ने ओवरटेकिंग, तेज मोड़ों पर नियंत्रण और परिस्थितियों के हिसाब से तत्काल फैसले लेने की क्षमता भी दिखाई। पूरे मुकाबले में किसी भी कार के अंदर मानव सेफ्टी ड्राइवर मौजूद नहीं था।


252 KM/H की रफ्तार पर AI ने संभाली कार
इस प्रतियोगिता में शामिल सभी पांच कारों को एक जैसे EAV-25 सुपरफॉर्मूला चेसिस पर तैयार किया गया था। सभी वाहनों में समान इंजन और 15 हाई-टेक सेंसर लगाए गए थे। ऐसे में रेस का असली मुकाबला इंजन पावर का नहीं, बल्कि अलग-अलग टीमों के AI सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम का था।
इटली की पोलीमूव टीम की कार ने मुकाबले के दौरान 252.3 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड दर्ज की। हाई-स्पीड पर भी AI सिस्टम ने मोड़ों पर कार की गति और ग्रिप को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिससे ड्राइवरलेस रेसिंग की क्षमता का प्रदर्शन हुआ।


एक सेंसर की खराबी ने बदला पूरा मुकाबला
रेस पूरी तरह बिना घटनाओं के नहीं रही। इंसानी ड्राइवरों की तरह AI कारों में भी तकनीकी चुनौतियां देखने को मिलीं। रेस के दौरान पोल पोजीशन पर चल रही यूनिमोर की कार के एक सेंसर में अचानक खराबी आ गई।
सुरक्षा सिस्टम ने स्थिति को भांपते हुए कार को ट्रैक पर रोक दिया। इसी दौरान करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पीछे आ रही पोलीमूव की कार समय रहते खुद को नहीं संभाल पाई और यूनिमोर की कार से टकरा गई।
इस हादसे के बाद UAE की काइनेटिज टीम की कार को बढ़त मिल गई और उसने रेस अपने नाम कर ली। इस घटना ने यह भी दिखाया कि हाई-स्पीड ऑटोनॉमस रेसिंग में सेंसर और सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता कितनी महत्वपूर्ण है।


AI रेसिंग से सड़क सुरक्षा को मिलेंगे नए डेटा
इस तरह के ऑटोनॉमस रेसिंग इवेंट सिर्फ रोमांच के लिए नहीं होते, बल्कि इनसे भविष्य की सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक के लिए महत्वपूर्ण डेटा भी जुटाया जाता है। खासतौर पर तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाने, मोड़ पर वाहन को नियंत्रित करने और दूसरे वाहनों की स्थिति के आधार पर फैसला लेने जैसी परिस्थितियों का परीक्षण किया जाता है।
रेसिंग ट्रैक पर मिलने वाले इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य में कमर्शियल सेल्फ-ड्राइविंग कारों और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।


Driverless Racing से बदलेगा भविष्य का सफर
इमोला जैसे चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर 12 लैप की रेस बिना किसी इंसानी ड्राइवर के पूरी करना ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी की बढ़ती क्षमता को दिखाता है। हालांकि तकनीक के सामने अभी सेंसर फेलियर, अप्रत्याशित परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े कई सवाल मौजूद हैं।
फिर भी 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पर AI कारों का ट्रैक पर मुकाबला करना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में ड्राइवरलेस तकनीक केवल सामान्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी। रेसिंग से मिलने वाली सीख भविष्य की पैसेंजर कारों में ऑटोमेशन, ADAS और सेल्फ-ड्राइविंग फीचर्स को और उन्नत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
 

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