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दिवाली पर 10 मिनट में करें मां लक्ष्मी और गणेशजी की पूजा, वीडियो में जानें सही विधि, शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री

दिवाली पर 10 मिनट में करें मां लक्ष्मी और गणेशजी की पूजा, वीडियो में जानें सही विधि, शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री

दीपावली का त्योहार इस बार 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश का पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस बार दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के कुल 9 मुहूर्त रहेंगे। श्रद्धालु अपनी सुविधा और शुभ मुहूर्त के अनुसार घर के अलावा अपने ऑफिस, दुकान और प्रतिष्ठान में भी पूजा कर सकते हैं।

दिवाली पर पूजा के लिए बहुत लंबी प्रक्रिया अपनाना जरूरी नहीं है। सही विधि और आवश्यक सामग्री के साथ करीब 10 मिनट में भी लक्ष्मी-गणेश का संपूर्ण पूजन किया जा सकता है। समाचारनामा आपको बता रहा है दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की सरल विधि, जिसमें आह्वान से लेकर अभिषेक, अष्टलक्ष्मी पूजन और आरती तक की प्रक्रिया शामिल है।

वैदिक परंपरा में क्या है पूजा का सही क्रम

वैदिक परंपरा के अनुसार, दीपावली पर पूजा की शुरुआत सबसे पहले विघ्नहर्ता भगवान गणेश और माता गौरी यानी अम्बिका के पूजन से की जाती है। इसके बाद कलश स्थापना कर उसमें वरुण देव का आह्वान किया जाता है। अंत में मुख्य पूजा के रूप में भगवान गणेश और माता महालक्ष्मी की आराधना की जाती है।पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को सबसे पहले सभी आवश्यक सामग्री एकत्रित कर लेनी चाहिए, ताकि पूजन के बीच किसी वस्तु की कमी न रहे। पूजा में लगने वाला समय मंत्रों के उच्चारण की गति और परिवार की परंपरा के अनुसार कम या ज्यादा हो सकता है।

ऐसे करें कलश स्थापना और संकल्प

सबसे पहले तांबे या मिट्टी का एक कलश लें और समें स्वच्छ जल भरें। इसके अंदर सुपारी, दूर्वा, अक्षत और एक सिक्का डालें। इसके बाद कलश के ऊपर आम के पत्ते रखें और नारियल स्थापित करें। कलश को पूजा स्थल पर उचित स्थान पर रखें।इसके बाद हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर मन ही मन पूजा का संकल्प करें। अपनी मनोकामना और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करें। फिर सभी देवी-देवताओं पर जल के छींटे देकर प्रतीकात्मक रूप से स्नान कराएं।

लक्ष्मी-गणेश को ऐसे चढ़ाएं पूजा सामग्री

कलश स्थापना और संकल्प के बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी सहित सभी देवी-देवताओं को वस्त्र के रूप में कलावा यानी मौली अर्पित करें। इसके बाद गणेशजी और मां लक्ष्मी को रोली, हल्दी, चंदन, कुमकुम और अक्षत से तिलक लगाएं।भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है, जबकि माता लक्ष्मी को कमल का फूल या लाल पुष्प चढ़ाएं। इसके बाद पंचामृत, गंध और इत्र से स्नान कराएं। फिर अभिषेक और पंचोपचार पूजन करें।

अष्टलक्ष्मी पूजन के बाद करें आरती

मुख्य पूजन के दौरान मां लक्ष्मी के आठ स्वरूपों यानी अष्टलक्ष्मी की आराधना करें। इसके बाद माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को नैवेद्य यानी भोग अर्पित करें। पूजा के अंत में परिवार के सभी सदस्यों के साथ श्रद्धापूर्वक आरती करें।इस तरह श्रद्धा और सही विधि से करीब 10 मिनट में लक्ष्मी-गणेश का पूजन पूरा किया जा सकता है। दिवाली पर पूजा करते समय स्वच्छता, एकाग्रता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें।

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