Samachar Nama
×

क्या सावन में लगेगा सूर्य और चंद्र ग्रहण? जानें तारीख, सूतक काल और पूजा-पाठ से जुड़े नियम

क्या सावन में लगेगा सूर्य और चंद्र ग्रहण? जानें तारीख, सूतक काल और पूजा-पाठ से जुड़े नियम

भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त पूरे महीने व्रत, जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में यदि सावन के दौरान सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण पड़ जाए, तो लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ग्रहण के समय पूजा-पाठ किया जा सकता है या नहीं।

आइए जानते हैं सावन 2026 में ग्रहण कब लगेंगे और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्या सावन में लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण?

ज्योतिषीय पंचांग के अनुसार, सावन 2026 के दौरान सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों पड़ रहे हैं। ग्रहण की तिथि और उसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि वह भारत में दिखाई देता है या नहीं। यदि ग्रहण भारत में दृश्य होता है, तो धार्मिक दृष्टि से उसका सूतक काल भी मान्य माना जाता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि ग्रहण दृश्य हो और सूतक काल मान्य हो, तो इस दौरान कुछ नियमों का पालन किया जाता है।

  • मंदिरों के कपाट कई स्थानों पर ग्रहण अवधि के दौरान बंद रखे जाते हैं।
  • ग्रहण के समय नई पूजा या मूर्ति स्पर्श करने से परहेज किया जाता है।
  • भगवान के मंत्रों का मानसिक जाप, ध्यान और भजन-कीर्तन करना शुभ माना जाता है।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर पूजा स्थल की शुद्धि की जाती है।
  • इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक और नियमित पूजा की जा सकती है।

क्या सावन में शिव पूजा बंद हो जाती है?

नहीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और शुद्धि के पश्चात भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और अन्य धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं। यदि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देता, तो कई परंपराओं में सूतक काल मान्य नहीं माना जाता और सामान्य पूजा-पाठ जारी रहता है।

ग्रहण के समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है।
  • घर और पूजा स्थल में गंगाजल का छिड़काव करने की परंपरा है।
  • पूजा में उपयोग किए गए खाद्य पदार्थों को लेकर विभिन्न परंपराओं में अलग-अलग नियम हैं।
  • ग्रहण के बाद दान-पुण्य और भगवान शिव का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

सावन का महत्व

सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान सोमवार का व्रत, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और 'ॐ नमः शिवाय' का जप विशेष फलदायी माना जाता है। यदि ग्रहण पड़ता भी है, तो धार्मिक नियमों का पालन करते हुए ग्रहण के बाद नियमित पूजा की जा सकती है।

Share this story

Tags