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नवरात्रि नौ दिन की, फिर दो दिन सप्तमी और एक दिन अष्टमी-नवमी क्यों? जानें तारीखें
 

नवरात्रि नौ दिन की, फिर दो दिन सप्तमी और एक दिन अष्टमी-नवमी क्यों? जानें तारीखें

इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 को हुई है और विजयादशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। तिथियों की अवधि के कारण सप्तमी दो सूर्योदय तक रहेगी, जबकि अष्टमी और नवमी की तिथियां 19 अक्टूबर को एक ही दिन पड़ रही हैं।

सप्तमी दो दिन क्यों पड़ रही है?

हिंदू पंचांग में तिथि और अंग्रेजी कैलेंडर का दिन एक समान नहीं होता। तिथि चंद्रमा और सूर्य की आपसी स्थिति के आधार पर निर्धारित होती है। इस कारण एक तिथि कभी दो सूर्योदय तक रह सकती है, जबकि कभी कोई तिथि दो सूर्योदय के बीच ही समाप्त हो जाती है।

इस साल सप्तमी 17 अक्टूबर को शुरू होकर 18 अक्टूबर की सुबह लगभग 8:28 बजे तक रहेगी। इसलिए दोनों तारीखों पर सप्तमी तिथि का प्रभाव रहेगा।

अष्टमी और नवमी एक ही दिन क्यों?

अष्टमी 18 अक्टूबर की सुबह लगभग 8:28 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह करीब 10:52 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस कारण 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी, दोनों तिथियां पड़ेंगी।

शारदीय नवरात्रि 2026 की प्रमुख तारीखें

तारीख

पूजा और पर्व

11 अक्टूबर

घट स्थापना, मां शैलपुत्री की पूजा

12 अक्टूबर

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

13 अक्टूबर

मां चंद्रघंटा की पूजा

14 अक्टूबर

मां कूष्मांडा की पूजा

15 अक्टूबर

मां स्कंदमाता की पूजा

16 अक्टूबर

मां कात्यायनी की पूजा

17 अक्टूबर

सप्तमी, मां कालरात्रि की पूजा

18 अक्टूबर

सुबह तक सप्तमी, फिर अष्टमी

19 अक्टूबर

महाअष्टमी और महानवमी

20 अक्टूबर

विजयादशमी और दशहरा

तिथियों की गणना स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ मिनटों में अलग हो सकती है।

कन्या पूजन कब करें?

इस साल कई पंचांगों के अनुसार 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी दोनों तिथियों में कन्या पूजन किया जा सकता है। कुछ परिवार अपनी परंपरा के अनुसार 20 अक्टूबर को भी नवमी की पूजा और कन्या पूजन करते हैं। सही समय के लिए अपने स्थानीय पंचांग और परिवार की पूजा-विधि का ध्यान रखें।

नवरात्रि नौ दिन की ही क्यों मानी जाती है? क्योंकि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विधान है। तिथियों के एक ही दिन पड़ने या दो दिन तक रहने से पूजा के कैलेंडर में बदलाव हो सकता है, लेकिन इससे नौ देवियों की आराधना का धार्मिक महत्व कम नहीं होता।

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