Samachar Nama
×

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन क्यों माने जाते हैं वर्जित? दो मिनट के वीडियो में जानें चंद्र दर्शन दोष और इससे जुड़ी मान्यता

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन क्यों माने जाते हैं वर्जित? दो मिनट के वीडियो में जानें चंद्र दर्शन दोष और इससे जुड़ी मान्यता

गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से गणपति की स्थापना करते हैं और उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा। जहां एक ओर इस दिन गणपति पूजन, व्रत और स्थापना का विशेष महत्व है, वहीं गणेश चतुर्थी से जुड़ी एक ऐसी धार्मिक मान्यता भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मान्यता के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति पर झूठा आरोप लग सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को बिना किसी गलती के भी किसी विवाद या आरोप का सामना करना पड़ सकता है। इसी मान्यता को ‘चंद्र दर्शन दोष’ कहा जाता है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालुओं को विशेष रूप से चंद्रमा के दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है।

चंद्रमा को देखने से क्यों लगता है कलंक?

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान गणेश अपने वाहन मूषक पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें देखकर चंद्रदेव को अपनी सुंदरता और स्वरूप पर अहंकार हो गया और उन्होंने भगवान गणेश का उपहास किया। चंद्रदेव के इस व्यवहार से भगवान गणेश नाराज हो गए और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दे दिया।

मान्यता है कि भगवान गणेश ने कहा कि जो व्यक्ति भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करेगा, उसे झूठे आरोप और कलंक का सामना करना पड़ सकता है। बाद में चंद्रदेव ने भगवान गणेश से क्षमा मांगी। गणेश जी ने अपना श्राप पूरी तरह समाप्त करने के बजाय इसे सीमित कर दिया। इसी वजह से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को लेकर विशेष सावधानी बरतने की परंपरा चली आ रही है।

गलती से चंद्रमा दिख जाए तो क्या करें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि गणेश चतुर्थी के दिन अनजाने में चंद्रमा के दर्शन हो जाएं तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में भगवान गणेश की पूजा और प्रार्थना करने का विधान बताया गया है। श्रद्धालु गणेश जी का स्मरण कर उनसे क्षमा मांग सकते हैं। इसके अलावा धार्मिक परंपराओं में कुछ मंत्रों के जाप और विशेष पूजा के जरिए चंद्र दर्शन दोष के निवारण की मान्यता भी बताई गई है।

गणेश चतुर्थी के दिन इसलिए गणपति भक्त पूजा-पाठ के साथ इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि अनजाने में चंद्रमा के दर्शन न हो जाएं। हालांकि, ये सभी बातें धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य आस्था और परंपरा से जुड़ी मान्यताओं को समझना है।

Share this story

Tags